उसने आईपीए केमिकल रुड़की स्थित एसी सेलूलॉज कंपनी से खरीदने की बात बताई थी। पुलिस ने इस मामले में छानबीन की तो पता चला कि एसी सेलूलॉज कंपनी का मालिक अमित गुप्ता पुत्र वीरमणि गुप्ता निवासी 63 सेकेंड फ्लोर शालीमार पार्क, भोलानाथ नगर, शहादरा (दिल्ली), मैनेजर सचिन गुप्ता पुत्र राजमणि गुप्ता निवासी रामनगर रुड़की, विपिन कुमार पुत्र सुरेंद्र कुमार निवासी मकतूलपुरी, रुड़की और मनोज कुमार पुत्र सुरेंद्र निवासी गांधी नगर, शेखपुरी, रुड़की ने अर्जुन को केमिकल उपलब्ध कराया था।
एसपी देहात ने बताया कि अर्जुन ने पांच फरवरी को मनोज कुमार से संपर्क कर चार ड्रम केमिकल के कच्ची शराब बनाने को लिए थे। मनोज ने एससी सेलूलॉज कंपनी के मैनेजर सचिन गुप्ता से संपर्क किया। सचिन ने कंपनी मालिक अमित गुप्ता की सहमति से केमिकल के चार ड्रम अपनी फर्म की जीएसटी नंबर से विपिन कुमार की कंपनी श्री इंटरप्राइजेज के जीएसटी नंबर पर भेजे थे।
इसके बाद विपिन ने मनोज कुमार के जीएसटी नंबर पर यह ड्रम भेजे थे। इसके बाद मनोज ने यह ड्रम अर्जुन को उपलब्ध कराए। अर्जुन ने ये ड्रम अपने पिकअप चालक इंद्रपाल के साथ मिलकर कंपनी से उठाए थे।
सात फरवरी को अर्जुन ने मनोज से संपर्क किया और दो ड्रम में माल खराब होने की बात कहते हुए कच्ची शराब का रंग दूधिया होने का जिक्र किया था। इसके बाद सचिन ने विपिन से बात कर उसके जीएसटी नंबर से ड्रम वापस लेकर बदले में नए ड्रम और अन्य दो केमिकल के ड्रम अर्जुन को दिए थे।
एसपी देहात ने बताया कि कंपनी मालिक अमित गुप्ता यह केमिकल हिमाचल के बद्दी, दिल्ली व मुंबई से मंगवाता था। तीनों प्रदेशों में पुलिस टीम भेजकर जांच की जा रही है। एसपी देहात ने बताया कि चारों आरोपियों को पता था कि अर्जुन कच्ची शराब बनाने का काम करता है।
इसके बाद भी उन्होंने उसे ड्रम उपलब्ध कराए जो जहरीली शराब प्रकरण की संलिप्ता में आता है। चारों आरोपियों के खिलाफ भी हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।