देश के एक गांव में आजादी के बाद 70 साल में पहली बार एक ऐसा कांड हो गया कि लोग दहशत में हैं और पुलिस भी हैरान है। पंजाब के अबोहर उपमंडल के गांव कंधवाला अमरकोट में शुक्रवार रात घर में सो रहे एक दुकानदार की हाथ-पैर बांधकर हत्या कर दी गई। हत्यारे घर में रखी नगदी और ज्वेलरी लेकर फरार हो गए।
शनिवार सुबह घटना का पता चलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तीन एसपी, चार डीएसपी और 18 थाना प्रभारी समेत बड़ी पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉयड टीम को भी मौके पर बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से फिंगर प्रिंट व अन्य सबूत एकत्र किए।
मृतक लाल चंद (55) के बेटे गौरव ने बताया कि गांव में उनकी करियाने की दुकान है। उनके पास 10-11 एकड़ जमीन भी है। उनका दूसरा मकान अबोहर के उत्तम विहार कालोनी गली नंबर 3 में भी है। पिता और वह गांव में ही दुकान चलाते हैं। गौरव के अनुसार, शुक्रवार रात खेत में पानी की बारी लगाने के बाद करीब 11 बजे वह अपने पिता को गांव के ही मकान में छोड़कर शहर वाले घर आ गया।
शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे जब वह गांव के घर पहुंचा तो उनकी दुकान व मकान के गेट बंद थे। गेट खटकाने पर भी उसके पिता ने जब दरवाजा नहीं खोला तो उसने पड़ोसियों के घर से छत से अपने घर में प्रवेश किया।
सामान बिखरा पड़ा था, नगदी और गहने गायब था
बुजुर्ग की हत्या
गौरव ने बताया कि घर में घुसते ही उसने देखा कि उसके पिता लाल चंद बेड पर औंधे मुंह मृत पड़े हुए थे और उनके हाथ पांव बंधे थे। उसने तुरंत इस बात की सूचना मोहल्ले के लोगों को दी, जिस पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही थाना बहाववाला प्रभारी बचन सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद एसपी अमरजीत सिंह, एसपी (डी) मुख्तयार सिंह, एसपी (एच) विनोद कुमार, बल्लूआना के डीएसपी राहुल भारद्वाज, अबोहर के डीएसपी गुरबिंदर सिंह, फाजिल्का के डीएसपी नरेंद्र पाल और जलालाबाद के डीएसपी अमरजीत सिंह समेत थाना प्रभारी परमजीत कुमार, चंद्र शेखर, सुनील कुमार और बरजिंदर सिंह मौके पर पहुंचे और घटना की जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार कमरे में रखी अलमारी का सामान बिखरा पड़ा था।
गौरव ने पुलिस को बताया कि अलमारी में से करीब 88 हजार की नगदी और सोने के गहने गायब हैं। इसके अलावा दुकान से भी हजारों रुपये की नगदी गायब है। गौरव ने पुलिस को बताया कि गत दिनों उनकी दुकान के सामने कुछ युवकों की आपस में लड़ाई हुई थी। उस लड़ाई में शामिल एक युवक उनकी दुकान पर बैठा रहता था। इसको लेकर कुछ युवक उसके पिता को अक्सर धमकियां देते थे।
आजादी के बाद हुई पहली घटना से सहम गया पूरा गांव
बुजुर्ग की हत्या
गांव कंधवाला अमरकोट में शुक्रवार रात हुई हत्या से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। क्योंकि आजादी के बाद से लेकर आज तक इस गांव में कोई ऐसी घटना नहीं हुई। गांव के नंबरदार राजेश ग्रोवर नीटा ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि आज सुबह जब लोगों को ऐसी घटना का पता चला तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। क्योंकि अभी तक ऐसी घटनाओं के बारे में लोगों ने सिर्फ अखबारों में पढ़ा और टीवी पर ही देखा था। इधर मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।
घटनास्थल पर पहुंचे लोगों ने इस हत्याकांड पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले करीब 70 वर्षों से उनके गांव में ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई। मृतक लालचंद के बारे में लोगों का कहना था कि बेहद ही शरीफ, ईमानदार और मिलनसार व धार्मिक स्वभाव के लालचंद ने आज तक किसी से ऊंची आवाज में बात तक नहीं की। पिता-पुत्र ने कड़ी मेहनत से कमाई करके गांव में कुछ जमीन खरीदी और दुकानदारी के साथ-साथ खेती का कार्य भी करते थे।
लालचंद के अबोहर स्थित मकान के पड़ोसी राजीव मित्तल ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे लालचंद की पत्नी अपने घर के बाहर त्रिवेणी की पूजा कर रही थी। शायद उन्हें यह पता ही नहीं था कि उनकी तो दुनियां ही उजड़ चुकी है। परिवार को जैसे ही इस घटना का पता चला तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इसके बाद अबोहर से भी बड़ी संख्या में लोग गांव कंधवाला पहुंच गए। परिजनों ने जब हाथ-पैर बंधे हुए लालचंद का शव देखा तो उनका रो-रो कर बुरा हाल हो गया।