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नर्सिंग छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी

Tue, 13 Jan 2015 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
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सामान्य अस्पताल के हॉस्टल में नर्सिंग स्टूडेंट ने पंखे से लटककर जान दे दी। सोमवार रात को साथी स्टूडेंट्स उसे खाने के लिए बुलाने गईं, तब घटना का पता लगा। मृतका के बिस्तर पर सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने जिंदगी से तंग आकर यह कदम उठाने की बात का जिक्र किया है।
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जीएनएम सेकेंड ईयर की इस स्टूडेंट का नाम अंकिता (20) है और वह मूल रूप से रोहतक की श्रीनगर कॉलोनी की रहने वाली थी। इस घटना का सोमवार रात साढ़े आठ बजे उस वक्त पता चला, जब अंकिता की सहपाठी उसके कमरे में गईं। हॉस्टल के सेकेंड फ्लोर के कमरा नंबर 12 में अकेली रहने वाली अंकिता के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।

अंकिता के रूम के बगल में रहने वाली छात्रा ने बताया कि उसके मोबाइल पर अंकिता की मम्मी का फोन आया और बात कराने को कहा। जब वह कमरे पर गई तो दरवाजा बंद मिला। दरवाजा खटखटाया, मगर नहीं खुला। काफी देर तक खटखटाने पर अपने-आप चिटकनी खिसकी और दरवाजा खुला तो अंकिता पंखे से लटकी हुई नजर आई।
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साथी छात्राओं ने बताया कि अंकिता दोपहर दो बजे तक अस्पताल में ड्यूटी पर थी। वह पिछले दो दिन से काफी परेशान थी। सायं चार बजे उसे मैस में जाने के लिए कहा तो उसने इंकार कर दिया। सूचना पर सिविल सर्जन डॉ. रणदीप पूनिया, चिकित्सक डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. एनके गर्ग, डॉ. सतवीर धनखड़, डॉ. राजेश आदि मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। रात करीब साढे़ नौ बजे एसएचओ सिटी संदीप सिंह हॉस्टल पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की।

सुसाइड नोट में परिजनों से मांगी माफी
छात्रा ने फांसी लगाने से पहले सुसाइड नोट भी लिखा है। जिसमें उसने लिखा है कि वह अपनी जिंदगी से तंग आ चुकी है और अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रही है। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। अपने बारे में ‘लाडली’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए अंकिता ने इस कदम के लिए अपने परिजनों से माफी भी मांगी।
 
मम्मी करती रही फोन, बेटी लगा चुकी थी मौत को गले
छात्रा की मम्मी लगातार अपनी बेटी से बात करने के लिए फोन करती रही और बेटी फांसी लगाने का कदम उठा चुकी थी। बार-बार फोन करने के बाद भी बेटी ने फोन नहीं उठाया तो उसकी माता ने हॉस्टल की एक अन्य छात्रा को फोन किया। जिस पर उक्त छात्रा फोन लेकर अंकिता के कमरे के पास पहुंची मगर दरवाजा बंद था। काफी देर दरवाजा खटखटाया मगर नहीं खोला। अनेक छात्राओं ने दरवाजा खटखटाया तो अपने आप खुला तो अंदर अंकिता फांसी लगा चुकी थी।
 
रोने लगी कई सहपाठी
अंकिता के शव को फंदे पर लटका देख हॉस्टल की अनेक छात्राएं घबरा गई। कुछ अपने कमरों में ही रोने लगी तो अधिकतर घबराहट के मारे अपने कमरे का दरवाजा बंद कर बैठी रही। अंकित के साथ वाले कमरों की छात्राएं तो डर के मारे कमरा खाली छोड़ अन्य छात्राओं के कमरे में चली गई। पुलिस कर्मियों ने भी छात्राओं को ढांढस बंधाया।
 
घनाघन बजता रहा अंकिता का मोबाइल
मौत को गले लगाने से लेकर पुलिस के कमरे में पहुंचने के बीच अंकिता के मोबाइल पर कॉल की झड़ी लगी रही। पुलिस की मौजूदगी में ‘एडीआई’ नाम से फीड नंबर से लगातार 3-4 कॉल आई।
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