पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो अन्य अभी तक फरार हैं।
दलित युवती को किडनेप कर मारपीट के बाद उसके कपड़े फाड़ने और नग्न कर वीडियो बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मानवता को शर्मसार करने वाली ये घटना पंजाब के तरनतारन जिले के गांव तूड़ में हुई। एसएसपी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एससी कमिशन) ने भी मामले में सख्त नोटिस लिया है। साथ ही, डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी से लिखित रिपोर्ट मांगी है।
जानकारी के मुताबिक गांव तूड़ के पूर्व सरपंच जोगिंदर सिंह की बेटी पड़ोस में युवक को मिलने उसे घर गई। जोगिंदर को इसका पता चला तो गुस्से में वह दोनों बेटों को लेकर उस युवक के घर चला गया। जोगिंदर के पहुंचने से पहले ही उसकी बेटी तो निकल गई, लेकिन जोगिंदर घर का तोड़कर उसमें दाखिल हो गया। वहां से 14 साल की दलित युवती को बालों से घसीटकर बाहर निकाला गया। शोर सुनते ही मोहल्ले के लोग वहां इकट्ठे हो गए।
जोगिंदर के बेटों ने दलित युवती की पिटाई करते उसके कपड़े उतार दिए। एक बेटा भिंदा बेल्टों से मासूम की पिटाई करता रहा और दूसरा लड़का बब्बो मोबाइल से उसकी वीडियो बनाता रहा। गांव के एक और परिवार के बुजुर्ग और युवक को भी इसी प्रकार से पीटा गया। लोगों में इतनी दहशत थी कि कोई भी मासूम को छुड़ाने के लिए आगे नहीं आया।
थाना प्रभारी ने पीड़ित परिवार को राजीनामे की सलाह दी
रेप
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मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने जब थाना श्री गोइंदवाल साहिब में शिकायत की तो थाना प्रभारी ने सियासी दखल अंदाजी के चलते पीड़ित परिवार को राजीनामा करने का सुझाव दिया। खडूर साहिब के पूर्व विधायक रमनजीत सिंह सिक्की ने गांव तूड़ की घटना के लिए अकाली सरकार को जिम्मेदार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार की थाना प्रभारी ने सुनवाई इसलिए नहीं की, क्योंकि पूर्व सरपंच के पीछे सियासी नेता खड़े होकर उसे बचाना चाहते हैं।
डीएसपी (डी) से मांगी हैं तुरंत रिपोर्ट : एसएसपी
एसएसपी तरनतारन मनमोहन कुमार शर्मा का कहना हैं कि मामला आज ही ध्यान में आया हैं जो काफी गंभीर हैं। इस मामले संबंधी थाना श्री गोइंदवाल साहिब के प्रभारी को जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, डीएसपी (डी) सतपाल सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है। मामले में अगर थाना प्रभारी की लापरवाही पाई गईं तो बख्शेंगे नहीं।
एससी कमिशन से लिया मामला का सख्त नोटिस
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एससी कमिशन) के उपाध्यक्ष डॉ. राज कुमार वेरका का कहना हैं कि गांव तुड़ में हुईं घटना के बाद थाना प्रभारी की कार्यगुजारी संदिग्ध लगती हैं। मामले में डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी से लिखित रिपोर्ट मांगी गईं हैं और जरूरत पड़ने पर पंजाब सरकार को भी तलब किया जाएगा।