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NCRB Report: दूसरी बार अपराध करने पर गिरफ्तार आरोपियों के मामले में चंडीगढ़ देश में दूसरे स्थान पर

Thu, 01 Sep 2022 03:54 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस ने साल 2021 में एसएलएल के तहत 749 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से 202 आरोपी पहले भी गिरफ्तार हो चुके थे। इन 202 आरोपियों में से 15 को सजा भी हो चुकी थी।
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crime - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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चंडीगढ़ में अपराध लगातार बढ़ रहा है। चोरी, लूट, हत्या और झपटमारी की वारदात आए दिन सामने आ रही हैं। एनसीआरबी की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 में पुलिस ने कई अपराधियों को आईपीसी और स्थानीय कानून (एसएलएल) के तहत दूसरी बार अपराध करने पर गिरफ्तार किया। इनमें नाबालिग भी शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार दोबारा वारदात करने पर गिरफ्तार आरोपियों के मामले में चंडीगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है।

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रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस ने साल 2021 में एसएलएल के तहत 749 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से 202 आरोपी पहले भी गिरफ्तार हो चुके थे। इन 202 आरोपियों में से 15 को सजा भी हो चुकी थी। आईपीसी के तहत मिजोरम अपराधियों के दोबारा पकड़े जाने के मामले में 29 प्रतिशत के साथ पहले और 27.1 प्रतिशत के साथ चंडीगढ़ देश में दूसरे स्थान पर रहा जबकि एसएलएल के तहत भी चंडीगढ़ दिल्ली के बाद दूसरे नंबर पर था। यह आंकड़ा देश में दिल्ली में 36.7 प्रतिशत और चंडीगढ़ में 27 प्रतिशत रहा। वहीं 2020 में चंडीगढ़ इसी मामले में चौथे नंबर पर था। 

बच्चों और महिलाओं के साथ बढ़ा अपराध

एनसीआरबी के वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार बच्चों और महिलाओं के साथ अपराध बढ़ा है। बच्चों से जुड़े अपराधों में 10.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि महिलाओं के प्रति अपराध में 12.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 91.9 प्रतिशत दुष्कर्म के मामलों में आरोपी पीड़ित के जानकार थे। यह आंकड़े कुल 74 केसों के हैं, जिनमें से 68 में आरोपी पीड़ित के जानकार थे। वर्ष 2021 में 254 बच्चों से जुड़े कुल 234 आपराधिक केस दर्ज हुए थे जबकि वर्ष 2020 में बच्चों से जुड़े 209 केस दर्ज हुए थे। कुल 74 दुष्कर्म मामलों में से 46 मामलों में पीड़िताएं 18 वर्ष से कम थीं। वहीं 46 केसों में से 22 केसों में पीड़िताएं 12 से 16 वर्ष के बीच थीं।

अपहरण और दुष्कर्म के मामले में भी बढ़े

वर्ष 2021 में बच्चों के खिलाफ कुल 234 आपराधिक मामलों में 46 दुष्कर्म और 149 अपहरण के थे। सात मामले बाल मजदूरी के थे। इन सात केसों में 40 बच्चों को बचाया गया था। 196 आपराधिक मामलों में जांच 2020 से लंबित है। वर्ष 2021 के 234 केसों को जोड़ कर कुल मामले 430 हैं। वर्ष 2021 में बच्चों से जुड़े अपराधों में 43.5 प्रतिशत केस लंबित थे। वर्ष 2021 में महिलाओं से जुड़े 343 केस सामने आए थे, जबकि 2020 में महिलाओं से जुड़े 301 आपराधिक केस सामने आए थे। इन 301 केसों में से 120 अपहरण से जुड़े हुए थे। वहीं 2020 में भी महिलाओं के साथ हुए 74 दुष्कर्म मामलों में से 68 में आरोपी महिलाओं के जानकार थे। हैरानी की बात है कि 8 मामलों में आरोपी परिवार के ही सदस्य थे। 47 मामलों में आरोपी महिलाओं के मित्र, ऑनलाइन मित्र या लिव-इन पार्टनर थे। 13 केसों में आरोपी पारिवारिक मित्र थे और सिर्फ 6 केसों में आरोपी अनजान थे।
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वर्ष             अपराध संख्या    कितने नाबालिग पकड़े

2019                           117                                208
2020                            50                                  78
2021                            54                                  83

सजा होने के बाद फिर गिरफ्तार हुए 18 नाबालिग

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार शहर के 16 थाना पुलिस ने आईपीसी के तहत कुल 2324 लोगों को गिरफ्तार किया था। 1495 को पहली बार अपराध करने के लिए गिरफ्तार किया गया था, जबकि 829 को फिर  2021 में अपराध के लिए गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार 18 नाबालिग आरोपी ऐसे थे, जिन्हें अदालत से सजा हो चुकी थी, उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 24 आरोपियों को सजा होने के बाद दोबारा गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट से पता चलता है कि वर्ष 2020 में कुल 2,854 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, इनमें से 2,506 को पहली बार गिरफ्तार किया गया था। इनमें से 321 को इससे पहले भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अदालत ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया था। इनमें से 27 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था।
 
बच्चों की परवरिश में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम होती है। बच्चे को स्कूल भेजने से लेकर घर आने तक उसकी सभी गतिविधियों और संगत पर नजर रखें। अगर उनके व्यवहार में बदलाव महसूस हो तो डॉक्टर की सलाह लें। अगर बच्चे नशा करते हैं तो उनमें बदलाव नजर आ जाता है। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें। पुलिस यदि बच्चों को गिरफ्तार करती है तो पुलिस को हर एक एंगल पर जांच करनी चाहिए। यह पता लगाना चाहिए कि बच्चे अपराध में शामिल क्यों हो रहे। इसे गंभीरता से लेना चाहिए और इसकी तह तक जाना चाहिए।  -जगबीर सिंह, सेवानिवृत्त डीएसपी (क्राइम), चंडीगढ़ पुलिस
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