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लुधियाना में NCB का बड़ा एक्शन: अक्षय छाबड़ा के 80 शराब ठेकों को किया सील, नशा तस्करी का पैसा लगाने का आरोप

Fri, 20 Jan 2023 09:17 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

एनसीबी ने 15 नवंबर को लुधियाना के दुगरी फ्लाइओवर से हेरोइन तस्कर संदीप सिंह उर्फ दीपू को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 20 किलो से ज्यादा हेरोइन बरामद हुई थी। संदीप ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह शराब ठेकेदार के बेटे अक्षय छाबड़ा का ड्राइवर है और यह सारा सामान उसी का है।
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लुधियाना में एनसीबी ने शराब ठेकों को किया सील। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चंडीगढ़ टीम ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर अक्षय छाबड़ा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को एएस एंड कंपनी के पूरे पंजाब में शराब के 80 ठेको के केंद्रीय एजेंसी ने सील कर दिया है। एनसीबी के मुताबिक छाबड़ा ने ड्रग तस्करी में हुई कमाई को शराब के ठेकों में निवेश किया था। सील शराब ठेकों में उसकी करीब 25 फीसदी हिस्सेदारी थी। छाबड़ा को बीते साल 24 नवंबर को विदेश भागने से पहले जयपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।

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एनसीबी ने 15 नवंबर को लुधियाना के दुगरी फ्लाइओवर से हेरोइन तस्कर संदीप सिंह उर्फ दीपू को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 20 किलो से ज्यादा हेरोइन बरामद हुई थी। संदीप ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह शराब ठेकेदार के बेटे अक्षय छाबड़ा का ड्राइवर है और यह सारा सामान उसी का है। एनसीबी ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि छाबड़ा देश छोड़ भागने की फिराक में है। एनसीबी ने उसे जयपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया और पूछताछ में उसने कई खुलासे किए थे। सूत्र बताते हैं कि छाबड़ा के पास से नशे के पाउडर समेत विदेशी ड्रग मनी और अन्य सामान मिला था।

अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट चलाने का आरोप
एनसीबी ने छाबड़ा पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट चलाने का आरोप लगाया है। एनसीबी के मुताबिक वह विदेश से भारत में अलग-अलग जगहों पर भारी मात्रा में हेरोइन की खेप भेजनी की तैयारी में जुटा था। इसके लिए उसने तीन रूट भी तय कर लिए थे।
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बस विदेश में जाकर इस पूरे काम को अमलीजामा पहनाना बाकी था। यह भी जानकारी मिली कि हेरोइन की खेप गुजरात के मुंद्रा पोर्ट, अटारी सीमा और जम्मू-कश्मीर के रास्ते भारत में दाखिल होनी थी। हेरोइन की तस्करी में हुई कमाई को वह शराब के कारोबार में इस्तेमाल कर रहा था। इसके साथ वह कच्ची हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थ प्राप्त करता था और फिर इनका उपयोग सिंथेटिक दवाओं के निर्माण में करता था।

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