प्रेमी से शादी करने की चाह में विवाहिता ने कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पति की हत्या की हत्या कर दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब पति के कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ। मामला पंजाब के मोहाली का है।
मामले की शुक्रवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। एडिशनल सेशन जल दिलबाग जौहल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हत्या की आरोपी पत्नी मनप्रीत कौर को दोषी करार दिया। साथ ही उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं सबूतों के अभाव में मनप्रीत की बहन बलजीत कौर को बरी कर दिया गया।
पुलिस को दी शिकायत में मोहाली फेज-5 निवासी मनमोहन सिंह के पिता सेवा सिंह ने बताया था कि 14 जून की रात अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई थी।
उसकी पत्नी मनप्रीत कौर ने उन्हें जगाकर इस बारे में सभी को सूचित किया। मनमोहन को फौरन अस्पताल ले जा गया। वहां सुबह उसने दम तोड़ दिया। घरवालों ने मौत को कुदरती समझकर लाश का अंतिम संस्कार कर दिया।
सुसाइड नोट मिला तो खुला बहू का भेद
बेटे की मौत के चंद रोज बाद परिजनों को उसके कमरे से सुसाइड नोट मिला। इसके बाद उन्हें शक हुआ, क्योंकि मनमोहन को पढ़ना-लिखना नहीं आता था। उस समय उन्हें बहू पर संदेह हुआ। क्योंकि उसने अपने कथित प्रेमी कुलदीप सिंह (ऑस्ट्रेलिया) से शादी करने की बात कही थी।
इसके बाद यह मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा और क्राइम ब्रांच पंजाब ने मामले की जांच की। इसमें सामने आया कि मनप्रीत ने पति को कोल्डड्रिंक में कोई जहरीला पद्घार्थ मिलाकर पिलाया था। इसके बाद पंजाब पुलिस के एडीजीपी क्राइम के निर्देश पर थाना फेज-1 में करीब पांच साल बाद मामला दर्ज हुआ।
इसमें मनप्रीत कौर की आस्ट्रेलिया में रहने वाले उसके कथित प्रेमी कुलदीप सिंह से चार से नौ जुलाई 2006 तक की फोन पर हुई बातचीत की रिकॉडिंग सामने आई।
वहीं, मृतक की बेटी ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि मम्मी और मौसी ने पापा को कोल्डड्रिंक में कुछ मिलाकर पिलाया था। कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में मनप्रीत को दोषी पाया और सजा सुनाई। वहीं उसकी बहन को सबूत के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।