चंडीगढ़ में छह साल की बच्ची की हत्या के बाद लोगों ने रोड जाम कर दिया था।
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चंडीगढ़ में ट्यूशन पढ़ने गई छह साल की बच्ची की हत्या के आरोपी 12 वर्षीय लड़के की हरकत से पुलिस भी हैरान है। पुलिस के मुताबिक, हत्या करने के बाद आरोपी पूरी तरह बेफिक्र रहा। पकड़े जाने का उसे जरा सा भी डर नहीं था।
बच्ची की हत्या करने के बाद वह गेमिंग स्टोर पर पहुंचा और वीडियो गेम खेलता रहा। फिर दोस्तों के पास गया और उनके साथ घूमता रहा। रात को रोज की तरह घर आया और खाना खाने के बाद सो गया। अगली सुबह वह फिर अपने दोस्तों के साथ खेलने निकल गया। पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ की तो पहले उसने गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उसे भरोसा दिलाया कि उसे कुछ नहीं होगा तो उसने सबकुछ बता दिया।
पुलिस हैरान है कि इतनी छोटी उम्र में हत्या जैसा अपराध करने के बावजूद नाबालिग के चेहरे पर न कोई डर था और न ही शिकन। बताया गया कि आरोपी नौवीं कक्षा में पढ़ता है और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। पुलिस ने यह भी बताया कि जब वह उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव गया था तो वहां उसे मोबाइल पर कुछ अश्लील वीडियो देखीं, जिसके बाद उसके मन में अपराध का विचार आया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्ची को घुमाने के बहाने जंगल ले गया था। जंगल में जब आरोपी बच्ची से दुष्कर्म करने में असफल रहा तो उसने बच्ची के चेहरे पर पत्थर मार दिया, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ है कि ज्यादा खून बह जाने से बच्ची की मौत हुई है। आरोपी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है।
बच्चों पर इंटरनेट, टीवी और फिल्मों का पड़ रहा असर, अभिभावक रखें निगरानी
पंजाब वरिष्ठ मनोचिकित्सक डा. सतीश थापर का कहना है इतनी कम उम्र में इस तरह का अपराध करने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आसपास का माहौल, इंटरनेट, वीडियो गेम और फिल्मों के अलावा अन्य कई वजहें शामिल हैं। आसानी से इंटरनेट की उपलब्धता और निगरानी न होने से बच्चे आक्रामक बन रहे हैं।
ऐसे मामलों में अभिभावकों की बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वह अपने बच्चों पर नजर रखें। वह कहां वे जाते हैं, किससे मिलते हैं। इसकी जानकारी उनके पास होनी चाहिए। अपराध के समय बच्चे के मन में क्या चल रहा था, यह तो बच्चे की काउंसिलंग के बाद ही पता चलेगा। बच्चों में बदलाव का कारण चिड़चिड़ापन के अलावा और भी कई वजहें हो सकती हैं। अगर आप बच्चे में किसी तरह का बदलाव देखते हैं तो विशेषज्ञ से मिले और उसकी कांउसलिंग जरूर करवाएं।