मृतक कृति के पिता राम कुमार ने बताया कि वह बिलासपुर में एक सब्जी की दुकान पर काम करता है। बेटी कृति अभी 12वीं क्लास में मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। उसके बाद उसे कॉलेज जाना था।
वह काफी समय से स्कूटी खरीदने की कह रही थी। क्योंकि उसे नई स्कूटी पर कॉलेज जाना था। दीवाली पर ऑफर के चलते उन्होंने नई स्कूटी खरीद कर बेटी को दी थी। उसे क्या पता था कि जिस स्कूटी को खरीदने के लिए बेटी जिद कर रही थी, वहीं उसकी मौत की वजह बन जाएगी।
शादी में शरीक होने के लिए निकली थी घर से
सुनीता और उसकी बेटी कृति स्कूटी लेकर जगाधरी के गांव भटली में शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। उन्हें स्कूटी को बिलासपुर खड़ा करके बस से भटली में शादी समारोह में शामिल होने के लिए जाना था। कृति का एक भाई भी है जो उसके साथ ही उसके स्कूल में पढ़ता है।
पढ़ने में होनहार थी कृति, डॉक्टर बनने का था सपना
कृति की प्रिंसिपल अंजू गोस्वामी और क्लास टीचरों का कहना है कि कृति पढ़ने में होशियार थी और उसका सपना उच्च पढ़ाई करके डॉक्टर बनने का था, लेकिन इससे पहले ही वह चली गई। बच्ची की मौत की सूचना स्कूल में भी पहुंची। उन्होंने छात्रा की मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त की है।