स्कूल के मुख्याध्यापक पर अश्लील हरकत करने के आरोप लगे हैं। ये आरोप राजकीय उच्च विद्यालय की छात्राओं ने लगाए हैं। मामला, हरियाणा के पिल्लूखेड़ा तहसील का है।
तहसील के गांव गांगोली के राजकीय उच्च विद्यालय की छात्राओं का आरोप है कि मुख्याध्यापक उनके साथ पढ़ाई के दौरान भी आपत्तिजनक बातें करते हैं। छात्राओं के परिजनों ने इसकी शिकायत पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस को दी है। मामले संज्ञान में आते ही खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का दौरा किया और छात्राओं से पूरे मामले की जानकारी ली।
स्कूल की छात्राओं ने अभिभावकों को बताया कि स्कूल का मुख्याध्यापक कक्षा के बीच में ही छात्राओं से आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं। जिससे छात्राओं को शर्मसार होना पड़ता है। इस बारे में छात्राओं के अभिभावक स्कूल में पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद अभिभावक पिल्लूखेडा थाने पहुंचे और इसकी शिकायत दी। मामला संज्ञान में आते ही खंड शिक्षा अधिकारी निशा मलिक स्कूल में पहुंची। जहां पर उसने छात्राओं से बातचीत करके मामले की जानकारी ली।
छात्राओं ने बताया कि मुख्याध्यापक उनसे अश्लील इशारों में बात करता है। उनके कपड़ों को लेकर भी मुख्याध्यापक टिप्पणी करता है। छात्राओं ने बताया कि मुख्याध्यापक द्वारा उन्हें बायोलॉजी विषय पढ़ाया जाता है। इस विषय के अश्लील अंशों को जानबूझ कर उनसे विस्तारपूर्वक बात की जाती है।
एक छात्रा ने आरोप लगाया कि मुख्याध्याक द्वारा उन्हें अधोवस्त्र पहनने की भी बात कही गई है। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा छात्राओं के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
अभिभवकों को दिया जांच का आश्वासन
खंड शिक्षा अधिकारी के दौरे के दौरान आरोपी मुख्याध्यापक ने स्कूल में अध्यापकों की पार्टीबाजी के चलते उन्हें फंसाने की बात कही है।
हालांकि उन्होंने शिक्षा अधिकारी के सामने माना कि उन्होंने छात्राओं से कपड़ों को लेकर बात की थी और उन्होंने अपने विषय को विस्तार से पढ़ाया जरूर था। लेकिन इस सबके पीछे उसकी मंशा गलत नहीं थी।
सुरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, पिल्लूखेड़ा ने बताया कि शिकायत आई है, जिसमें अभिभावकों ने छात्राओं से मुख्याध्यापक द्वारा अश्लील हरकत करने की बात कही है। इसे लेकर अभिभावकों को दो तीन दिन के अंदर मामले की जांच करने का आश्वासन दिया गया है।
अधिकारियों को भेजी जाएगी सूचना
खंड शिक्षा अधिकारी निशा मलिक ने कहा कि मुख्याध्यापक को लेकर मिली शिकायतों की जांच की जाएगी। इस मामले की उच्चाधिकारियों को सूचना भेजी जाएगी। हालांकि पहली नजर में मुख्याध्यापक की गलती दिखाई देती है। उच्चाधिकारियों के जो आदेश होंगे, उसी अनुसार कार्रवाई कर की जाएगी।