पुलिस की गुंडागर्दी देखिए, छह युवकों को अवैध कस्टडी में रखा और उनसे मारपीट की। एक युवक के छाती और प्राइवेट पार्ट पर करंट तक लगा दिया। मामला पंजाब के मोहाली का है। हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार शाम वारंट अफसर ने थाने में रेड कर पुलिस कस्टडी से युवकों को मुक्त कराया। थाने से मिले सिकंदर नामक युवक का सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया गया।
गौरतलब है कि दशहरा के दिन पुलिस ने कुभड़ा के रहने वाले छह युवकों को चोरी के आरोप में देर रात उठा लिया था। इनमें राम, सिकंदर, हरप्रीत, अनिल, कपिल और हीरा शामिल हैं। आरोप है कि पुलिस ने इन युवकों के साथ जमकर मारपीट भी की। इतना ही नहीं पुलिस ने युवकों को करंट तक लगा कर थर्ड डिग्री टॉर्चर देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पांच दिन तक थाने के चक्कर लगाने के बाद पीड़ित परिवार की ओर से हाईकोर्ट में जाकर इंसाफ की गुहार लगाई गई।
मार-मार पर मनवाते रहे चोरी की वारदात
पीड़ित युवक सिकंदर को जब हाईकोर्ट से आए वारंट ऑफिसर की ओर से छुड़वा कर थाने से बाहर लाया गया तो उसने बताया कि पुलिस ने उन्हें दशहरे वाले दिन रात को करीब दो बजे सिंह शहीदा की लाइटों से उठा लिया था। उसने बताया कि कार सवार युवकों के साथ उनकी बहस हो गई थी। इसके बाद उन युवकों ने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही धमकी दी कि तुमको चोरी के आरोप में जेल भिजवा देंगे। उसने आरोप लगाया कि थाने में पुलिसकर्मियों ने उन्हें मार-मार कर चोरी की वारदात के लिए मनवाना शुरू कर दिया।
प्राइवेट पार्ट तथा छाती पर लगाया करंट
सिकंदर का आरोप है कि कस्टडी के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे काफी टॉर्चर किया। उसने कहा कि पहले पुलिस उसे इधर-उधर घुमाती रही फिर खरड़ के सीआईए स्टाफ के दफ्तर में ले गई। यहां पर उसे करंट लगा कर चोरी की वारदात कबूल करने के लिए दबाव देने लगी। उसने बताया कि पुलिस ने उनके प्राइवेट पार्ट तथा छाती और माथे पर भी करंट लगाया।
चोरी मामले में किया था राउंडअप
सोहाना के एसएचओ राजन परमिंदर सिंह बराड़ ने इस मामले में कहा कि सेक्टर-79 के वेरका बूथ में चोरी हो गई थी। उस मामले में युवकों को राउंडअप करके उनसे पूछताछ की गई थी। उन्होंने अवैध कस्टडी में रखने के आरोप से इंकार किया। बराड़ ने कहा कि वारंट ऑफिसर को भी यही बताया गया है कि मामले में पूछताछ करने के लिए युवकों को बुलाया गया था।