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दंपति ने फर्जी दस्तावेज से लिया 15 लाख का लोन, गिरफ्तार

Mon, 21 Dec 2015 10:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जिला अदालत के आदेश पर सेक्टर-34 थाना पुलिस ने आंध्रा बैंक से फर्जी तरीके से लोन लेने के आरोप में पंचकूला निवासी पति-पत्नी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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यूटी पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया गया। वहीं पुलिस आरोपी की पत्नी की तलाश कर रही है, जो केस दर्ज होने के बाद से फरार चल रही है।

पंचकूला के सेक्टर-12ए निवासी मुकेश गोयल और उसकी पत्नी भावना गोयल के खिलाफ सेक्टर-44डी स्थित आंध्रा बैंक के चीफ मैनेजर नीतेश श्रीवास्तव ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर लोन लेने की शिकायत दी थी। उनके अनुसार मुकेश गोयल ने 6 दिसंबर 2012 को उनके बैंक से 70 लाख रुपये लोन के लिए आवेदन किया था।
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उन्होंने चंडीगढ़-अंबाला रोड पर अपनी कृष्णा मेडिकल एजेंसी बताई और इसके कागजात भी पेश किए। बैंक ने दस्तावेज की जांच पड़ताल के बाद संबंधित प्रॉपर्टी पर ओसीसी (ओपन कैश क्रेडिट) लोन की सीमा 15 लाख रुपये तय की। मुकेश ने पत्नी भावना को इसमें गारंटर बनाया था।

27 फरवरी 2013 को बैंक ने उनका 15 लाख रुपये का लोन पास कर दिया। इसके बाद मुकेश ने उक्त रकम खाते से निकाल ली, लेकिन बाद में बैंक लोन एग्रीमेंट के तहत किश्तें नहीं चुकाईं। बैंक ने उसे लोन की किश्तें चुकाने को कहा तो उसने फर्जी अंडरटेकिंग बैंक में जमा करा दी।

बैंक ने उसकी जांच करवाई तो उन्हें चंडीगढ़-अंबाला रोड पर कोई मेडिकल एजेंसी नहीं मिली। साथ ही उसके दस्तावेज भी फर्जी थे।

पुलिस ने बताया था बैंक रिकवरी का केस
बैंक अधिकारियों ने धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस से की तो उन्होंने बिना जांच के इसे दर्ज करने से इंकार करते हुए इसे बैंक रिकवरी का केस बताया। बैंक ने अपील की तो कोर्ट ने संबंधित थाना पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए।

इसके बाद 1 दिसंबर को सेक्टर-34 थाना पुलिस ने मुकेश गोयल और उसकी पत्नी भावना गोयल के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया।

दो पैन कार्ड, सरनेम के स्पैलिंग अलग-अलग
मुकेश गोयल ने अपने नाम से दो पैन कार्ड बनवा रखे थे। इनमें उसने सरनेम के स्पैलिंग अलग-अलग थे। एक में गोयल और दूसरे में गोयाल लिखा था। इसी के आधार पर वह फर्जीवाड़ा करता था।
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साथ ही जिस एजेंसी की उसने बात की थी वह चंडीगढ़-पटियाला रोड पर किसी और गोयल के नाम पर थी। साथ ही जांच में सामने आया कि आरोपी इससे पहले भी कई अन्य बैंकों से फर्जी तरीके से लोन ले चुका है।
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