पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि दीप किरण और नरपिंदर ने करीब डेढ़ साल पहले कपूरथला के एक मंदिर में सादे समारोह में दूसरी शादी की थी। शादी के बाद दीप किरण ने लोगों से कहना शुरू कर दिया कि वह जज है और उसके पति मानसा जेल के उप-अधीक्षक है। वह नौजवानों से पंजाब पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर लाखों रुपये लेती और कहती थी कि सीनियर रैंक होने के कारण उनकी पुलिस विभाग में अच्छी पकड़ है। इस कारण नौजवान उसके बहकावे में आकर लाखों रुपये खर्च करने को तैयार हो जाते थे। पुलिस गिरफ्त से फरार चल रहे आरोपी सुखदेव सिंह उर्फ सोनू और लखविंदर लाडी भी आरोपियों का पूरा साथ देते थे और नौजवानों को किसी तरह फंसाकर दीप किरण के पास लाते थे। इसके बाद आगे का खेल दीप किरण खुद खेलती थी।
महानगर के चार लोगों को शिकार बना चुके हैं आरोपी
कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि महानगर के चार लोगों ने पुलिस के पास शिकायत दी थी कि आरोपी उनसे पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर पैसे ले चुके हैं। इसके बाद सीआईए टू और थाना मोती नगर की पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशान चलाकर पूरे मामले की जांच की। पुलिस ने दीप किरण को गिरफ्तार कर उसके पति मानसा जेल के उप-अधीक्षक को भी मानसा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक वह अलग-अलग लोगों से 20 लाख रुपये से अधिक की नकदी ऐंठ चुकी है।
पुलिस की वर्दियां और दो कारें आरोपियों से बरामद की
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी दीप किरण इतनी शातिर थी कि वह खुद को जज के रूप में पेश करती थी। वह किसी से आसानी से मिलती भी नहीं थी। उस तक पहुंचने के लिए सुखदेव सिंह और लखविंदर सिंह के पास जाना पड़ता था। वह दोनों आरोपियों को पुलिस की वर्दी भी कभी कभार पहना देती थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कब्जे से एक फार्च्यूनर कार, एक स्विफ्ट कार, दो कांस्टेबल की वर्दियां, एक महिला सब इंस्पेक्टर की वर्दी जिस पर श्रोआ कपूर लिखा है। इसके अलावा एक लाख रुपये की नकदी, दो जाली ज्वाइंनिंग लेटर जिस पर जाली दस्ताखत, पुलिस में भर्ती कराए जाने के लिए 10 फार्म, जेवरात भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। पुलिस श्रोआ कपूर नाम की महिला का पता लगाने में जुटी है।