पत्नी की मौत के बाद से परेशान चल रहे एक व्यक्ति ने अपने आठ वर्षीय बेटे की गला दबाकर निर्मम हत्या कर दी और करंट लगाकर खुद जान देने की कोशिश की। मामला पंजाब के लुधियाना का है। हैरानी की बात यह है कि बेटे को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी बिजली का झटका सह नहीं सका और चिल्लाने लगा। चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार वाले कमरे में पहुंचे तो दृश्य देखकर हैरान रह गए। इसके बाद इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।
सूचना मिलने के बाद एसीपी ईस्ट गुरदेव सिंह और थाना मेहरबान की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच के बाद आठ साल के बच्चे गुरशरण सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों के हवाले कर दिया। जबकि आरोपी जगदीश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो बातें बताईं, उससे पुलिस और परिवार वालों के भी रोंगटे खड़े हो गए। आरोपी बार-बार एक ही बात बोल रहा है कि पत्नी की मौत के बाद वह बेटे को मार कर आत्महत्या करने वाला था ताकि तीनों ऊपर जाकर इकट्ठे हो सकेंगे। एसीपी गुरदेव सिंह ने बताया कि जगदीश की पत्नी दमा रोग से पीड़ित थी। उसका इलाज चल रहा था लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा।
20 दिन पहले जगदीश की पत्नी की इलाज के दौरान निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद से वह काफी परेशान रहने लगा था। परिवार वालों से भी ज्यादा बात नहीं करता था। परिवार वाले उसका ध्यान बंटाने की खातिर कुछ बाते करते रहते थे। मगर आरोपी ज्यादा नहीं बोलता था। 14 अगस्त की देर रात खाना खाने के बाद परिवार सो गया और जगदीश और उसका बेटा गुरशरण कमरे में चले गए।
वह दोनों आपस में बातें करते थे कि मरने के बाद वह दोनों मां से ऊपर मिलेंगे। करीब दो बजे आरोपी ने आठ वर्षीय बेटे गुरशरण की हत्या कर दी और करंट लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की लेकिन आरोपी के चीखने की आवाज सुनकर परिवार वाले ऊपर पहुंचे। उन्होंने देखा कि आरोपी जगदीश नीचे पड़ा है और गुरशरण बेड पर था और उसके गले में रस्सी थी। यह सब देख सभी हैरान हो गए। उन्होंने देखा तो गुरशरण की मौत हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने जगदीश को किसी तरह से उठाया और जानकारी पुलिस को दी। एसीपी ने बताया कि आरोपी को पुलिस ने मौके पर से ही गिरफ्तार किया है।