बेरोजगारी क्या-क्या दिन नहीं दिखाती। हाथ में एमए और बीएड के सर्टिफिकेट, लेकिन आवेदन उस पद के लिए, जिसके लिए महज 12 वीं पास होना जरूरी है।
पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में हरियाणा पुलिस में महिला सिपाही की भर्ती चल रही है। इसके लिए जिनके आवेदन आए हैं, उनमें कई ऐसे हैं, जिनके पास एमए और बीटेक जैसी डिग्रियां हैं।
ग्रेजुएट और मास्टर डिग्री होल्डर के सिपाही भर्ती में आगे आने को उच्चाधिकारी एक अच्छा संकेत भी मान रहे हैं कि बेहतर पढ़ी-लिखी पुलिस की टीम तैयार होगी, लेकिन कहीं न कहीं तो यह बेरोजगारी का भी असर है।
पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन रिटायर्ड बिग्रेडियर जेएस मान ने बताया कि 68 हजार से भी ज्यादा आवेदन आए हैं, जिससे जाहिर है कि लड़कियों में भी पुलिस में भर्ती होने का जुनून है। करीब 20 हजार आवेदन बाहरी राज्यों से भी हैं, जबकि कुल 334 पद प्रस्तावित हैं।
पहली बार कैमरे की निगाह में भर्ती
ऐसा पहली बार हो रहा है, जब आवेदक और भर्ती बोर्ड के हर अधिकारी की गतिविधियों को सीसीटीवी में रिकॉर्ड किया जा रहा है। टेस्ट देने के बाद आवेदक को सीसीटीवी के नजदीक आकर अपना चेहरा भी दर्ज कराना पड़ रहा है।
आवेदक ने जो चेस्ट नंबर प्लेट पहना हुआ है, उसमें चिप है। जब रेस की प्रक्रिया आती है, तो आवेदक को ग्रीन एरिया से निकाला जाता है, जिसमें जाते ही चिप एक्टिव हो जाती है और रेस का टाइम शुरू। यानी कोई विवाद नहीं कर सकता कि उसकी टाइमिंग में झोल है। रोजाना करीब पांच हजार आवेदकों को अलग-अलग चरण में भर्ती प्रक्रिया से गुजारा जा रहा है।