पुलिस को सबसे पहले एक सीसीटीवी फुटेज मिली। उस फुटेज से पुलिस की जांच आगे बढ़ी और पुलिस को पता चला कि इस गिरोह का मुख्य सरगना दिल्ली में छिपा है। इसके बाद एसीपी रमनदीप सिंह भुल्लर एक टीम को लेकर दिल्ली रवाना हुए। जहां उन्होंने मद्रासी कॉलोनी से मुख्य आरोपी मुर्गन को दबोच लिया। उसके पास से 40 लाख रुपये की नकदी बरामद की। पूछताछ में बाकी तीन आरोपियों के बारे में पता चला। इसके बाद सीआईए 1 और 3 की अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास 6.50 लाख की नकदी बरामद की गई।
ठक-ठक गैंग के नाम से कुख्यात हैं आरोपी
सीपी सिद्धू ने बताया कि यह गिरोह 'ठक-ठक गैंग' के नाम से काफी कुख्यात है। आरोपी मूलरूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं और श्रीलंका में भी रह चुके हैं। बाद में ये सभी दिल्ली की मद्रासी कॉलोनी में रहने लगे। आरोपी गुलेल की मदद से कार का शीशा तोड़ते थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी अलग-अलग इलाकों में झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहते हैं। पॉश इलाकों में दिन में रेकी करने के बाद वारदातों को अंजाम देते हैं। आरोपी ज्यादातर सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़कर ही सामान चोरी करते हैं। आरोपी वारदात के बाद इलाका बदल देते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी तमिल बोलते हैं, उन्हें हिंदी कम आती है। वह मोबाइल का इस्तेमाल भी नहीं करते ताकि जल्द पुलिस के हाथ न आ सके। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी है कि उनके गिरोह के कितने लोग शहर में हैं और कितनी वारदात आरोपी कर चुके हैं।