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लुधियानाः सुसाइड नोट छोड़कर राखी के दिन युवक ने लगाया फंदा, मां-बहनों और जीजा पर आरोप

Fri, 16 Aug 2019 05:52 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
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सांकेतिक तस्वीर
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एक शख्स ने रक्षाबंधन के दिन ही फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। उसने सुसाइड नोट में मां, दोनों बहनों, जीजा और दो पड़ोसियों पर आरोप लगाए हैं। घटना पंजाब के लुधियाना की है। कुंदनपुरी निवासी व्यक्ति घर को लेकर चल रहे विवाद से परेशान था। दो पेज के सुसाइड नोट में उसने मां, दो बहनों, जीजा और दो पड़ोसियों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का जिम्मेदार ठहराया गया है। डिवीजन नंबर आठ पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ने बताया कि कुंदरपुरी निवासी अमन मदान एक निजी कंपनी में लेखाकार था। उनका कुंदनपुरी में दो मंजिला मकान है, इसमें नीचे उसकी मां सरोज रानी और एक बहन रहती है। इस घर को लेकर अमन का अपनी मां के साथ विवाद चल रहा था। मामला अदालत में गया, अदालत ने उसकी मां के पक्ष में फैसला सुना दिया। अब उसे घर खाली करना था। इसी बात को लेकर वह काफी परेशान चल रहा था। 15 अगस्त को उसकी पत्नी दो बच्चों को लेकर मायके घर गई थी। पीछे से शाम के समय अमन मदान ने घर में फंदा लगा लिया।

पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर डायरी में लिखे दो पेज के सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने मृतक की मां सरोज, दो बहनों, एक जीजा, डिपो होल्डर अश्वनी और एक पड़ोसी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मृतक के मोबाइल से की गई कॉल्स की जांच कर रही हैं।
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यह लिखा सुसाइड नोट में...

मैं अमन मदान पुत्र नंद किशोर अपनी जान दे रहा हूं, क्योंकि मेरी माता सरोज, बहनें, जीजा और पड़ोसी धमकी दे रहे थे कि तुझे मकान खाली करवा कर सड़क पर ले आएंगे। जबकि मैने मकान बनाने में अपने पापा का पूरा साथ दिया था। मेरी माता मुझसे बहुत नफरत करती है, क्योंकि ये मुझे अपना बेटा नहीं समझती, जबकि मैं अपनी माता को जान से ज्यादा प्यार करता था। मेरी पत्नी का गोल्ड भी मेरी माता के पास है।

वह भी मेरे को देने से इंकार कर दिया। मेरे को अपनी जान देने के अलावा कुछ समझ नहीं आ रहा तो मैं अपनी जान दे रहा हूं। मैने सभी रिश्तेदारों से बात की है कि वह हमारा समझौता करवा दे। उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया। सेम, सानिया मुझे माफ करना, मैं आपका भविष्य नहीं बना पाया। वैसे भी मुझे मेरी माता और बहनें मरवाना चाहती है, जिससे उनको सबकुछ मिल जाए मैं उनकी राह में एक रोड़ा था।
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