पंजाब पुलिस का एक हवलदार ही एसपी हेडक्वार्टर के फर्जी साइन कर कर्मचारियों को बैंक से कर्ज दिलाने का गोरखधंधा कर रहा था। वह नए भर्ती कर्मचारियों को अपने जाल में फंसाता था।
कर्ज दिलाने के लिए उनसे पैसे लेकर खुद ही कागजात तैयार करता था। को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर की शिकायत पर यह मामला उजागर हुआ है।
थाना फेज-1 पुलिस ने एसएसपी आफिस में तैनात हवलदार बलविंदर सिंह के खिलाफ ही आईपीसी की धारा-420, 465, 467 व 468 के तहत पर्चा दर्ज किया है। मामला दर्ज होने के बाद से ही वह फरार है और पुलिस अब अपने ही हवलदार की तलाश में छापेमारी कर रही है।
पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार हवलदार बलविंदर सिंह नई भर्ती हुए जवानों को अपने जाल में फंसाता था। वह को-ऑपरेटिव बैंक से उन्हें आसानी से एक लाख रुपये का लोन दिलाने का वादा करता था। इसके लिए वह उनसे वसूली भी करता था। ताजा मामले में उसने कांस्टेबल रविंदर सिंह को एक लाख रुपये का लोन दिलाने का वादा किया था। इसके लिए उसने दस्तावेज पर एसपी हेडक्वाटर के नाम से खुद हस्ताक्षर कर दिए।
यह फर्जी दस्तावेज उसने को-ऑपरेटिव बैंक में लोन के लिए जमा भी करवा दिए। इसी बीच जब बैंक के ब्रांच मैनेजर तिरलोचन सिंह ने दस्तावेज देखे तो उन्हें इस पर संदेह हो गया। उन्होंने लोन वाले केस को जांच के लिए डीएसपी हेडक्वार्टर भेजा। जब पुलिस ने जांच की तो साइन जाली पाए गए।
इसके बाद पुलिस ने तिरलोचन सिंह की शिकायत पर हवलदार बलविंदर सिंह के खिलाफ पर्चा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।