गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (जीजेयू) में करीब ढाई वर्ष पहले गीतिका महता बहुचर्चित मर्डर केस में अदालत ने फैसला सुना दिया। केस में दोषी करार दिए हत्यारे प्रदीप नैन को आजीवन कारावास व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
एडीजे बसरूद्दीन की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। इस मामले में अंतिम बहस के बाद न्यायालय ने 24 मार्च को फैसला सुनाने की तिथि तय की गई थी, लेकिन वर्क सस्पेंड के चलते इसे स्थगित कर 26 मार्च कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता प्रवीर आर्य के अनुसार जीजेयू में बीटेक की छात्रा और मूलत: फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ निवासी गीतिका महता उर्फ गिन्नी की 26 नवंबर 2012 को यूनिवर्सिटी के शॉपिंग कांपलैक्स के बाहर इसी विश्वविद्यालय के छात्र व हिसार में सत्यनगर निवासी प्रदीप नैन ने गर्दन पर गंडासी मारकर हत्या कर दी थी।
मृतका के मामा पूर्व पार्षद मनोहर लाल नांगरू की शिकायत पर शहर पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
करीब ढाई साल तक चले केस के बाद अदालत ने प्रदीप को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाने के लिए 24 मार्च की तिथि तय की थी, लेकिन वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते कोर्ट को फैसले की तारीख 26 मार्च करनी पड़ी। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने हत्यारे प्रदीप को आजीवन कारावास व एक लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना राशि में से 95 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को बतौर मुआवजा देने के निर्देश दिए।
जीजेयू में हुआ था बवाल
गीतिका की मौत के बाद जीजेयू में कई दिन तक बवाल मचा था। गीतिका के सहपाठियों व यूनिवर्सिटी के अन्य स्टूडेंटस ने सुरक्षा को लेकर मुददा उठाया था। इसके बाद जीजेयू में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। करीब दस दिन तक जीजेयू में तनाव का माहौल रहा था।