ज्योति हत्याकांड की सुनवाई के दौरान बुधवार को कुल सात लोगों की गवाही हुई, जिनमें एल्टीस कार का ट्रांसपोर्टर फतेहगढ़ साहिब निवासी नरोतम जीत सिंह भी था।
इस दौरान जीत सिंह अपने पूर्व बयान से पलट गया। उसने कोर्ट में कहा कि वह नहीं जानता कि रामकुमार चौधरी व रणबीर सिंह उसकी खरड़ स्थित ट्रांसपोर्ट कंपनी से कब एल्टीस कार लेकर गए।
हालांकि, पहले भी उसके बयान में झोल था। नरोतम जीत सिंह और रणबीर सिंह खरड़ में ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं।
पहले कहा था, रामकुमार ले गए थे कार
पुलिस की चार्जशीट में जीत सिंह के पूर्व बयान के मुताबिक, 12 जनवरी 2013 को रामकुमार चौधरी, वारदात में दूसरा आरोपी धर्मपाल उसके पास आए और एल्टीस कार ले गए।
उन दोनों के साथ रणबीर सिंह भी था, जबकि आठ जनवरी 2013 को रामकुमार चौधरी ने सरेंडर कर दिया था तो 12 जनवरी को वह कार कैसे ले जा सकता है?
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, एल्टीस कार वारदात वाले दिन इस्तेमाल हुई थी। एल्टीस कार आरोपी गुरमीत सिंह की है। चूंकि, गुरमीत सिंह रणबीर का जानकार है। लिहाजा कार उसे दे दी थी।