बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में मुख्य आरोपी दून के विधायक रामकुमार चौधरी के दादा की बुधवार को दोपहर बाद तीन बजे को मौत हो गई।
चौधरी के वकील ने अंतिम संस्कार और भोग पर जाने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई गई, लेकिन अर्जी सुनवाई नहीं हो सकी। इस कारण वे अंतिम संस्कार में नहीं जा सके।
चौधरी की तरफ से एडवोकेट अमनदीप बिंद्रा ने अर्जी दायर की। अर्जी में उन्होंने कहा कि रामकुमार चौधरी के दादा कलीराम की हिमाचल के हरीपुर सांगली में मौत हो गई है।
इसलिए विधायक का जाना जरूरी है। अर्जी में यह भी कहा गया कि विधायक जेल से पुलिस की कस्टडी में जाएंगे और यात्रा पर आने वाला खर्च वहन करने के लिए तैयार हैं।
अर्जी में बुधवार को अंतिम संस्कार में शामिल होने की भी इजाजत मांगी थी। दोपहर बाद अर्जी कोर्ट में दायर होने के कारण यह सुनवाई के लिए बैंच पर नहीं आ सकी।