पैरोल के दौरान फरार हुई जज कत्ल केस में सजायाफ्ता महिला डॉक्टर को पटियाला पुलिस ने उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से पुलिस ने 12 लाख 90 हजार रुपये और लाखों की कीमत के सोने व डायमंड के गहने बरामद किए हैं।
अदालत में पेश करके पुलिस ने उसका दो दिनों का रिमांड भी हासिल कर लिया। उसके पास से जालंधर की महिला के नाम का जाली वोटर कार्ड भी मिला है। पुलिस उससे जाली वोटर कार्ड और फरारी में मदद करने वाले लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।
एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने बुधवार को पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में बताया कि अक्तूबर 2005 में पटियाला के जज विजय सिंह का तेजधार हथियार से कत्ल कर दिया था। जांच के दौरान कातिल जज की ही दोस्त महिला डाक्टर रवदीप कौर निकली थी। वह जज पर अपनी पत्नी से तलाक लेकर उससे शादी के लिए दवाब डाल रही थी।
जज के इनकार करने पर रवदीप कौर ने एक ग्रंथी मनजीत सिंह को सुपारी देकर जज का कत्ल करा दिया था। दोनों को चंडीगढ़ कोर्ट ने सुनवाई के बाद 30 मार्च 2012 को मौत तक कैद की सजा सुनाई थी। डॉ. रवदीप कौर सेंट्रल जेल पटियाला से छह दिसंबर 2014 को वह दो हफ्ते की पैरोल छुट्टी पर निहाल बाग स्थित अपने घर आई थी और उसे 21 दिसंबर को दोबारा जेल हाजिर होना था। वह 15 दिसंबर को घर से सैर के बहाने निकली और फिर फरार हो गई थी। छानबीन में पुलिस को घर में एक सुसाइड नोट भी मिला था।
नेपाल में ठिकाने बदल-बदल कर रह रही थी
जांच में सामने आया कि रवदीप कौर काफी समय से अपनी संपत्तियां बेच कर पैसे इकट्ठा करने में लगी थी और वह सोचे-समझे प्लान के तहत ही सैर के बहाने घर से लापता हुई है।
जांच करने पर सामने आया कि रवदीप कौर नेपाल पहुंच गई है और वहां टिकाने बदल-बदल कर रह रही है और वहां से किसी अन्य देश में निकलने की कोशिशें कर रही है। पूछताछ में सामने आया है कि वह नेपाल की राजधानी काठमांडू व अन्य शहरों व कस्बों में अर्पिता जैन निवासी जालंधर के नाम पर रहती रही है।
उसने यह जाली वोटर कार्ड पहले ही बनवा लिया था। इस जाली वोटर कार्ड के साथ वह हरियाणा, उत्तराखंड, यूपी और नेपाल के विभिन्न शहरों के होटलों, सरायों में रहती रही है।
किसी और देश में भागने की फिराक में थी
एसएसपी के मुताबिक पुलिस
ने रवदीप के संपर्क सूत्रों पर निगरानी की। जैसे ही उसका नेपाल संपर्क
सामने आया तो पुलिस ने नेपाल बार्डर पर खुफिया जाल बिछा दिया और उसके सारे
संपर्कों पर निगरानी कड़ी कर दी।
इस पर पता लगा कि वह किसी और देश में जाने
के लिए भारत-नेपाल बार्डर के रास्ते भारत में आकर अपने यात्रा के लिए
जरूरी कागजात तैयार करने की फिराक में है। वह उत्तराखंड के काशीपुर साइड से
आगे जाना चाहती है। इस पर काशीपुर में सीआईए स्टाफ की टुकड़ी तैनात कर दी
गई।
पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने बस स्टैंड के बजाय चैती चौराहा काशीपुर से बस पकड़नी सुरक्षित समझी। पुलिस पहले से चौकन्नी थी। जैसे ही वह चैती चौराहा आईटीआई काशीपुर से रुद्रपुर जाने के लिए बस पकड़ने लगी, तो वहां तैनात पुलिस टुकड़ी ने तसे काबू कर लिया।
पुलिस ने उसके पास से 12 लाख 90 हजार का कैश, लाखों की कीमत के सोने व डायमंड के गहने भी बरामद किए हैं, जो वह फरार होते समय अपने साथ ले गई थी।