एसबीआई का करीब डेढ़ करोड़ का लोन न चुका पाने के कारण सेक्टर-22-सी निवासी कृष्ण ज्वैलर्स के मालिक अमित सूरी (45) ने वीरवार को घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी।
यह वारदात घर के फर्स्ट फ्लोर पर लगभग डेढ़ बजे हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस को अमित सूरी की जेब से तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव मोर्चरी में रखवा दिया है। घटना से घर में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
घटना के वक्त घर में सूरी की मां और बेेटा मौजूद थे। जबकि पिता तीर्थ राम सेक्टर-28 स्थित साईं मंदिर गए थे और पत्नी रचना ड्यूटी पर गई थी। घर में उसके माता-पिता के अलावा पत्नी रचना और पांच साल का बेटा और नौ साल की बेटी है।
बेटी चिल्लाई, पापा पंखे से लटके हैं
वारदात का किसी को कुछ पता नहीं चल सका। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब अमित की बेटी स्कूल से आई तो उसने अपने पिता को पंखे से लटका देखा। वह जोर से चिल्लाई कि पापा पंखे से लटके हुए हैं। बच्ची की आवाज सुनकर अमित की मां और बेटा फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचे।
इसके बाद चीख पुकार मच गई और लोगों का घर में तांता लग गया। परिजनों ने घटना की सूचना सेक्टर-22 पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अमित को फंदे से उतारा। पुलिस अमित को सेक्टर-16 के अस्पताल लेकर गई। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वीरवार को थी कोर्ट में सुनवाई
पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार लोन न चुका पाने के कारण बैंक ने अमित पर रिकवरी केस कर दिया था। इस मामले की कोर्ट में वीरवार को सुनवाई थी। अमित ने कोर्ट में पेशी पर जाने से पहले ही सुसाइड नोट लिख दिया था। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि अगर वह कोर्ट में केस हार गया तो सुसाइड कर लेगा।
वीरवार को सुबह वह अदालत में पेशी के लिए गया। जहां वह कोर्ट मेें केस हार गया और उसने घर आकर फंदा लगाकर जान दे दी।
वकील सारी बात बता देंगे: सुसाइड नोट में अमित ने यह कदम उठाने के लिए पत्नी रचना से माफी मांगी है। उसनेलिखा है कि बैंक लोन के कारण वह परेशान है। उसने जरूरी कागजात कार में रख दिए हैं। वकील से मिलकर बात कर लेना। वह सारी बात बता देंगे।
घर का इकलौता वारिस था: अमित ऊर्फ गोल्डी परिवार का इकलौता वारिस था और घर में उसके अलावा कमाने वाला कोई नहीं है। कर्ज के कारण ही उसकी पत्नी रचना को भी नौकरी ज्वाइन करनी पड़ी। एक महीने पहले ही पत्नी ने प्राइवेट कंपनी में जॉब ज्वाइन की थी। पत्नी की कमाई से ही घर का खर्चा चल रहा था। अमित को यह बात अंदर ही अंदर घुट रही थी कि वह परिवार का खर्च नहीं चला पा रहा है।
बैंक लोन से डिप्रेशन में था: अमित की सेक्टर-23 में कृष्ण ज्वैलर्स के नाम से दुकान थी। बिजनेस में लगातार हो रहे घाटे के कारण उसने बैंक से डेढ़ करोड़ का लोन लिया। लेकिन दुकान से कमाई नहीं हुई। बैंक वाले कई दफा उसके घर का चुके थे। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण दो महीने पहले ही उसने सेक्टर-23 स्थित कृष्ण ज्वैलर्स की दुकान तक बेच डाली थी। लोन न चुका पाने से वह काफी समय से तनाव में था।