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जालंधर में पकड़ा गया शातिर गिरोह: पुलिस ने सात को दबोचा, अब तक 55 को दिलाई फर्जी जमानत, अदालतों से धोखा

Tue, 09 Jan 2024 06:59 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

पंजाब की जालंधर पुलिस ने एक फर्जी जमानत दिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग फर्जी दस्तावेज के सहारे लोगों को जमानत दिलाता था। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस इस गिरोह के सहारे फर्जी जमानत लेने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो खुद ही तहसीलदार व नंबरदार बनकर अदालतों से फर्जी जमानत करवाता था। पिछले छह माह में 55 आरोपियों की जमानत गिरोह के सदस्य दे चुके थे। गिरोह के सात शातिरों को काबू किया गया है। आरोपी कई हाई-प्रोफाइल लोगों के साथ जुड़े हैं। जल्द पुलिस कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

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पत्रकार वार्ता में पुलिस कमिश्नरेट स्वपन शर्मा ने बताया कि भार्गव कैंप थाना पुलिस के प्रभारी गगनदीप सिंह सेखों ने जगजीत सिंह उर्फ जग्गी निवासी फत्तू ढींगा (कपूरथला), रवि कुमार, सुखदेव कुमार, राकेश कुमार निवासी गाखला कॉलोनी (जालंधर), पंकज राम उर्फ गंजू, गुरमीत सिंह निवासी छेहरटा (अमृतसर) व जालंधर निवासी जोधा को काबू किया है।

फर्जी मोहर, 35 फर्द और स्टांप बरामद

सीपी स्वपन शर्मा ने बताया कि पुलिस के पास पिछले काफी समय से जाली जमानत को लेकर केस सामने आ रहे थे। एक केस में पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़नी शुरू की तो भार्गव कैंप में केस दर्ज किया गया और आरोपियों की पहचान की गई। आरोपियों से 122 फर्जी आधार कार्ड, 41 फर्जी जिला कलेक्टर कार्ड और नंबरदार कार्ड, 15 तहसीलदार और नंबरदार की फर्जी मोहर और 35 फर्द, एक कंप्यूटर, एक प्रिंटर और 7 स्टांप पैड समेत बड़ी मात्रा में अन्य जाली दस्तावेज मिले हैं।

फर्जी जमानत लेने वाले भी होंगे नामजद

एडीसीपी आदित्य के मुताबिक, सुखदेव कुमार और राकेश कुमार के खिलाफ पहले ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनका रिकॉर्ड पंजाब पुलिस के पास मौजूद है। सुखदेव कुमार के खिलाफ पहले से ही सात मामले जालसाजी के दर्ज हैं। वहीं, राकेश के खिलाफ दो केस पहले से दर्ज हैं। गिरोह के सदस्य अदालत में फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत देते थे और एक जमानत देने के बदले 10 हजार रुपये की राशि ली जाती थी। पुलिस उन तमाम लोगों को भी केस में नामजद करेगी, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत ली थी।

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