अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में जानकारी देते एसएसपी वरूण शर्मा और पीछे खड़े गिरोह के गुर्गे।
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पंजाब व हरियाणा में नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश पटियाला पुलिस किया है। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत सात आरोपियों को काबू किया है। इनके पास से मौके पर तलाशी के दौरान दो नवजात बच्चे, एक एंबुलेंस नंबर वाली इनोवा कार समेत तीन कार और चार लाख की नकदी बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों का रिमांड लेकर इनसे पूछताछ की जाएगी। मामले में कुछ और गिरफ्तारी होने की संभावना है। गिरफ्तार आरोपी बलजिंदर सिंह निवासी गांव आलोवाल जिला पटियाला, अमनदीप कौर निवासी आनंद नगर पटियाला, ललित कुमार निवासी सुनाम जिला संगरूर, भुपिंदर कौर निवासी त्रिपड़ी पटियाला, सजीता मूलरूप से बिहार के मधेपुर की रहने वाली है लेकिन वह इस समय सुनाम में रहती है। पुलिस ने हरप्रीत सिंह निवासी संगेडा फेरोपती जिला बरनाला और सुखविंदर सिंह को भी पकड़ा है।
एसएसपी वरुण शर्मा ने मंगलवार को बताया कि सीआई स्टाफ समाना के प्रभारी विजय कुमार संदिग्धों की तलाशी में पुलिस टीम के साथ गांव बंमना के बस स्टैंड पर मौजूद थे। गुप्त सूचना मिली कि नवजात की अवैध खरीद फरोख्त करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के छह लोग एंबुलेंस नंबर वाली इनोवा कार में दो नवजात बच्चों को साथ लेकर बेचने आ रहे हैं। इन बच्चों को खरीदने के लिए पैसे लेकर कार में सुखविंदर सिंह (चंडीगढ़) आ रहा है। गिरोह के सदस्य इन बच्चों को विभिन्न जगहों से खरीद कर ला रहे हैं।
इस सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सातों आरोपियों को नमादा गुग्गा माडी ग्राउंड से काबू कर लिया गया। आरोपी सुखविंदर सिंह की तलाशी पर चार लाख की नकदी व हुंडई सोनाटा कार, हरप्रीत सिंह के पास से एंबुलेंस नंबर वाली इनोवा कार, बलजिंदर सिंह के पास एक आई 20 कार और दो नवजात बच्चों को बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी सुखविंदर सिंह एक डीलर है, जो गिरोह से कम दामों में बच्चे खरीदकर आगे मुनाफे में बेचने वाला था। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में थाना सदर समाना में केस दर्जकर लिया गया है।
गरीब लोगों को कुछ पैसों का लालच दे ले लेते थे बच्चे
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह गरीब लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें कुछ पैसों का लालच देकर गैर-कानूनी ढंग से बच्चे खरीद लेता था और आगे लाखों के मुनाफे में बेचता था। आरोपियों को अदालत में पेश करके रिमांड लिया जाएगा ताकि बच्चे किनसे खरीदे और आगे कहां व किसे बेचे जाने थे, इस बारे में पता लगाया जा सके। गिरोह के और सदस्यों के बारे में पूछताछ करके उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।