पुलिस को 27 मई को सूचना मिली थी गिरोह के सदस्य इलाके में सक्रिय हैं व नशे की सप्लाई करने जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई। 28 मई को पुलिस गांव छज्जूमाजरा के पास नाकेबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान पांच आरोपी दो कारों में सवार होकर नशे की सप्लाई करने जा रहे थे। इन्होंने पुलिस को देखते ही वाहनों को भगा लिया, जिससे पुलिस का संदेह और भी पुख्ता हो गया।
इसके बाद पुलिस ने पीछा कर उन्हें दबोचा लिया। इस दौरान पांच लोग पुलिस ने काबू किए। जब इनकी कारों की जांच की गई तो एक किलो 300 ग्राम हेरोइन व एक लाख रुपये ड्रग मनी बरामद हुई। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्जकर आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पूछताछ में आरोपियों ने नाइजीरियन का नाम बताया था। इस दौरान एसपी इन्वेस्टिगेशन हरमनदीप सिंह हंस, डीएसपी साइबर क्राइम रुपिंदर कौर सोही व डीएसपी खरड़ पाल सिंह मौजूद रहे।
ग्राहक बनकर दिल्ली से दबोचा नाइजीरियन
पुलिस ने पूरी प्लानिंग से नाइजीरियन को दबोचने का फैसला लिया। इसके लिए पुलिस की टीम ग्राहक बनकर दिल्ली पहुंच गई। आरोपी को हेरोइन देने के लिए बुलाया गया। जैसे ही वह सामान लेकर आया तो उसे संदेह हो गया था। ऐसे में आरोपी ने सीआईए के इंचार्ज पर हमला कर दिया। हालांकि पुलिस ने पूरी होशियारी के साथ आरोपी को दबोच लिया फिर उससे दो किलो और 200 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस उसे भी वहां से काबू कर ले आई है।
पुलिस के अनुसार दलविंदर सिंह पर थाना सरदूलगढ़ व थाना सिरसा में एनडीपीएस व धोखाधड़ी का केस दर्ज है। उसने अपने साथी अंजुल व नीलू के साथ मिलकर बड़े स्तर पर दिल्ली से हेरोइन लाकर सभी राज्यों में सप्लाई करने का काम शुरू किया था। अब पुलिस इनके नेटवर्क को तलाश रही है। इनके मोबाइल व अन्य सामान भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
ट्राइसिटी में दो लोग संभालते थे नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों का लोकल नेटवर्क काफी अच्छा है। वह अपने गिरोह में स्थानीय लोगों को जगह देते थे। मोहाली व चंडीगढ़ एरिया में इस नेटवर्क को रवि वर्मा व परिवार सिंह संभाल रहे थे। वहीं, पूछताछ में सभी लोगों ने माना है कि वह हेरोइन की सप्लाई के लिए आए हुए थे।
अब प्रॉपर्टी व बैंक खाते खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की प्रॉपर्टी व बैंक खातों का पता लगाने में जुटी हुई है। पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह मोटी सप्लाई करता है। ऐसे में यह साफ है कि इस गिरोह ने धंधे से खूब पैसा कमाया होगा। ऐसे में पुलिस इनकी संपत्ति और बैंक खातों का पता लगा रही है जिसके बाद बैंक खातों को सील करवाया जाएगा।