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करनाल, मुंबई, दिल्ली में इंडिया बुल्स के ठिकानों पर आयकर छापे

Fri, 15 Jul 2016 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल/मुंबई/ नई दिल्ली।
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करनाल, मुंबई, नई दिल्ली और चेन्नई में इंडिया बुल्स के ठिकानों पर छापे
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आयकर विभाग ने बुधवार को करनाल, मुंबई, नई दिल्ली और चेन्नई में इंडिया बुल्स के ठिकानों पर छापे मारे। कंपनी पर 1500 करोड़ रुपये की कर चोरी का आरोप है।
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आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक विभाग के सैकड़ों अधिकारी और स्थानीय पुलिस ने कंपनी के ठिकानों को खंगाला। कार्रवाई वीरवार को भी जारी रहेगी।

मालूम हो इंडिया बुल्स देश का बड़ा बिजनेस हाउस है, जो रियल एस्टेट, फाइनेंस और पावर सेक्टर में काम करता है। विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस कारपोरेट हाउस ने 1700 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है और इसी संदर्भ में छापे मारे गए हैं। आयकर विभाग 1000 करोड़ की बेनामी लेनदेन के मामले की भी जांच कर रहा है। कंपनी का कहना है कि आयकर विभाग के अधिकारी खातों की जांच के लिए आए थे और हम लोग टीम के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। छापे की खबर फैलते ही इंडियाबुल्स के शेयरों में सात फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
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पूर्व विधायक के घर पर आयकर विभाग का छापा

income tax department
करनाल में कांग्रेस की पूर्व विधायक सुमिता सिंह के न्यायपुरी स्थित घर पर आयकर विभाग ने छापा मारा। सुबह से देर रात तक टीम जांच करती रही। इंडिया बुल्स कंपनी के मालिक समीर गहलावत सुमिता सिंह के दामाद हैं और उनकी मां कृष्णा गहलावत मार्केटिंग बोर्ड की चेयरमैन हैं।

सूत्र बताते हैं कि कंपनी के सभी मुख्य ठिकानों और रिश्तेदारों के घर पर एक साथ रेड की गई है। गुड़गांव और मुंबई से आए आयकर विभाग के 5-6 विशेष अधिकारियों की टीम ने रेड के दौरान न तो किसी को घर के बाहर आने दिया और न ही किसी को अंदर जाने दिया गया। पूर्व विधायक सुमिता सिंह मुंबई गई हुई हैं। कोठी में उनके पति जगदीप सिंह थे। छापे के दौरान दस्तावेज और कंप्यूटर आदि भी खंगाले गए। छापे में क्या मिला इस बारे में कोई बोलने को तैयार नहीं है।

सूत्रों के अनुसारयहां इडिया बुल्स का दफ्तर जिस बिल्डिंग में है वह भी सुमिता सिंह के परिवार का है। आयकर विभाग को सुमिता सिंह और उनके परिवार का इंडिया बुल्स कंपनी से जुड़ाव का शक है, इसी के चलते छापा मारा गया है। हालांकि आयकर विभाग के किसी भी अधिकारी ने इस बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। कंपनी का कहना है कि पिछले साल उसने 782 करोड़ रुपये टैक्स के तौर पर जबकि सेवा कर के रूप में 372 करोड़ रुपये दिए थे।
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