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HSSC के पेपर लीक की साजिश बेनकाब, कई सनसनीखेज खुलासे

Wed, 14 Dec 2016 03:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
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रोहतक में एचएसएससी पेपर लीक मामला, आरोपी दबोचे गए
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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की क्लर्क ग्रेड परीक्षा का पर्चा लीक करने की साजिश बेनकाब हो चुकी है। मामले में कई खुलासे हुए हैं। पूरे खेल का मास्टरमाइंड कोचिंग सेंटर का संचालक है। पुलिस ने इस खेल में लिप्त कई और लोगों की धरपकड़ में जुटी है, वहीं मंगलवार को गिरफ्तार किए गए काकड़ोद (जींद) निवासी जेबीटी विरेंद्र गुड्डू व रोहतक के ही कोचिंग सेंटर में साइंस शिक्षक अनिल पंघाल से पूछताछ में जुटी है।
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पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि पेपर लीक के खेल की साजिश रोहतक में रची गई थी। रोहतक की यूनिवर्सल एकेडमी के संचालक और गांव भैणी निवासी जितेंद्र सिवाच व साइंस टीचर अनिल पंघाल ने ज्यादा रुपये कमाने के लिए यह खेल खेला। दोनों ने मिलकर आंसर-की का जुगाड़ किया और फिर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए जैमर लगाने वाली कंपनी के सुपरवाइजर भिवानी के शांति नगर निवासी अजय जांगड़ा से सेटिंग की।

प्रत्येक उम्मीदवार के बदले 60 हजार रुपये में डील हुई। डील के बाद अजय ने अनिल पंघाल को जैमर कंपनी का आई-कार्ड उपलब्ध कराया। इसके बाद पंघाल जैमर कंपनी का कर्मचारी बनकर परीक्षा केंद्र के भीतर गया और नरेंद्र तक आंसर-की पहुंचाई। इस खेल में विरेंद्र व अनिल के अलावा अंबाला में कार्यरत जींद निवासी जेबीटी सतीश समेत कई अध्यापकों की संलिप्तता सामने आई है।
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दो बार परीक्षा केंद्र जाने के कारण आया शक के घेरे में

रोहतक में एचएसएससी पेपर लीक मामला, आरोपी दबोचे गए
अनिल पंघाल जैमर कंपनी का कर्मचारी बन बीपीएस स्कूल में प्रवेश कर गया। दोपहर 3:10 पर वह परीक्षार्थी नरेंद्र के पास पहुंचा और उसका कोड जाना। परीक्षा केंद्र में तैनात महिला कर्मचारी ने उसे देख लिया। करीब 40 मिनट बाद जैमर कर्मचारी बन अनिल पंघाल दोबारा नरेंद्र के पास पहुंचा और चुपचाप आंसर-की दे दी। जैमर कर्मचारी को दोबारा नरेंद्र से मिलते देख महिला कर्मचारी को शक हुआ और नरेंद्र की जांच की तो उसके पास आंसर-की मिली।

एक लाख दिए, आठ लाख देने थे बाद में
पुलिस रिमांड पर चल रहे नरेंद्र ने बताया कि जेबीटी विरेंद्र गुड्डू  व जींद जिले के उदयपुर निवासी जेबीटी सतीश उसके जानकार हैं। उनसे नौ लाख में डील हुई। उसने तोशाम क्षेत्र के गांव खरकड़ी निवासी अनिल पंघाल को एक लाख रुपये एडवांस दिए। अनिल पंघाल ही उसके पास जैमर कर्मचारी बनकर आया।

कहां से आउट हुआ पर्चा, पुलिस के पास नहीं है जवाब
प्रश्र पत्र लीक कहां से हुआ, इस सवाल का जवाब अभी भी पुलिस के पास नहीं है। अब तक की जांच में यह तो खुलासा हो गया कि कैसे प्रश्र पत्र परीक्षार्थियों तक पहुंचाए गए। मगर लीक कहां हुआ इसकी जांच पुलिस कर रही है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। एसपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि 10-15 परीक्षार्थियों तक आंसर-की पहुंचाई गई है।
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नौ सेंटरों पर पहुंचाई गई आंसर-की

हत्या के बाद पहुंची पुलिस
केवल भिवानी पब्लिक स्कूल में ही नहीं, बल्कि नौ परीक्षा केंद्रों पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की क्लर्क परीक्षा की आंसर-की पहुंचाई गई। पुलिस की गिरफ्त में आए कोचिंग सेंटर के साइंस टीचर अनिल पंघाल ने बताया कि मुख्य डील जितेंद्र सिवाच करता था। भिवानी में उसकी तरह नौ लोग जैमर कर्मचारी बनकर परीक्षार्थियों तक पहुंचे और आंसर-की उपलब्ध कराई है। उसकी भिवानी पब्लिक स्कूल में ड्यूटी लगाई गई।

अन्य लोग शहर के ही वैश्य स्कूल, जी लिट्रा स्कूल, आदर्श कॉलेज, राजीव गांधी कॉलेज, गवर्नमेंट कॉलेज, केएम स्कूल व हलवासिया स्कूल स्थित परीक्षा केंद्रों में गए है। उसे जितेंद्र सिवाच ने ही आंसर-की उपलब्ध करवाई थी। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी विजय देशवाल ने बताया कि किन-किन जिलों में आंसर-की पहुंचाई गई और पर्चा कहां लीक किया गया। इसकी जांच की जा रही है। फरार जितेंद्र सिवाच, जेबीटी सतीश कुमार ही इस संबंध में कुछ बता सकते हैं। जैमर कंपनी के सुपरवाइजर अजय जांगड़ा की भी तलाश की जा रही है।

एसपी ने थपथपाई पीठ
पेपर लीक मामले का इतनी जल्द खुलासा करने पर एसपी ने डीएसपी विजय देशवाल, सिविल लाइन थाना इंस्पेक्टर संजय बिश्रोई, सीआईए इंचार्ज रवींद्र कुमार, सेक्टर 13 चौकी इंचार्ज एसआई रामनिवास की पीठ थपथपाई।
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