भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान एवं हरियाणा के खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह छेड़छाड़ के आरोप में घिरे हैं। उन पर एक महिला कोच ने आरोप लगाए हैं। कोच का कहना है कि मंत्री ने उसे चंडीगढ़ स्थित अपनी कोठी पर बुलाया और छेड़छाड़ की। वह मंत्री को धक्का देकर वहां से भाग निकली। हालांकि, यह सारा घटनाक्रम महिला की कोच की नौकरी लगने से पहले का है।
महिला ने बताया कि कुछ माह पहले ही खेल विभाग में बतौर कोच उसकी ज्वाइनिंग पंचकूला में हुई, लेकिन मंत्री ने हस्तक्षेप कर झज्जर तबादला करवा दिया। अब भी उसे धमकियां दी जा रही हैं। इस प्रताड़ना से तंग आकर उसने पहले पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
गृह मंत्री को भी आपबीती बतानी चाही, लेकिन स्टाफ ने मिलने नहीं दिया। अंत में उसने इनेलो विधायक अभय चौटाला से गुजारिश की। वीरवार को अभय चौटाला से मुलाकात के बाद महिला ने मीडिया के सामने पूरे प्रकरण का खुलासा किया।
महिला कोच ने बताया कि वह ताऊ देवीलाल स्टेडियम के जिम में अभ्यास करती है। यहां पर अकसर मंत्री संदीप भी आते हैं। एक दिन मंत्री ने उससे बात की। बाद में मंत्री ने उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर मैसेज भेजे। एक रात मंत्री ने उसे सुखना लेक पर बुलाया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद उसने ओएसपी (आउट स्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन) के तहत जूनियर कोच के लिए आवेदन किया।
तब दस्तावेज जांच के बहाने मंत्री ने उसे चंडीगढ़ सेक्टर-7 स्थित अपनी कोठी पर बुलाया। मंत्री ने उसे अपने ऑफिस में बैठने से मना कर दिया, क्योंकि वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे थे। उसे दूसरे केबिन में बैठाया और अभद्रता की। आरोप है कि मंत्री ने कई और महिला खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उनको भी ऊपर लेवल तक पहुंचाया है। महिला ने नाराजगी जताई तो उसके साथ जबरदस्ती करनी चाही। किसी तरह वह वहां से भागी। इस दौरान मंत्री का निजी स्टाफ और सुरक्षा कर्मी बाहर खड़े हंस रहे थे।
इंस्टाग्राम पर हुई चैट डिलीट हो चुकी
महिला कोच ने प्रेसवार्ता में सिर्फ मौखिक आरोप लगाए। पुलिस को लिखित में शिकायत देने के बारे में उसने कहा कि घटना के बाद उसने डीजीपी और मुख्यमंत्री के निजी सचिव को फोन कर सूचना दी। डीजीपी ऑफिस से जवाब मिला कि क्यों मंत्री से पंगा ले रही हो, लड़की हो नौकरी कर लो। मंत्री तुम्हें मरवा भी देगा। वह उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास भी मदद के लिए गई थी। कहीं पर भी सुनवाई नहीं हुई। कोई सबूत होने के सवाल पर कोच ने कहा कि मंत्री के साथ इंस्टाग्राम पर वेनिश मोड में चैट की थी। इसमें 24 घंटे बाद मैसेज खुद ही डिलीट हो जाता है। मंत्री संदीप सिंह उसे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक-अनब्लॉक करते रहे। इस घटना के बारे में उसने विभागीय अधिकारियों को मेल पर शिकायत दी थी। अब वह चंडीगढ़ पुलिस को लिखित शिकायत देगी, पहले वह डर गई थी।
हुड्डा से बात की है, अब सीएम से करूंगा: अभय
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है। तुरंत प्रभाव से मंत्री संदीप सिंह को बर्खास्त कर जांच के लिए एसआईटी गठित की जाए। इस मामले में उन्होंने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी बात की है। अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी बात करेंगे, ताकि महिला को न्याय मिल सके। अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो वह प्रदेश के सभी खिलाड़ियों को साथ लेकर आंदोलन शुरू करेंगे।
मेरी छवि खराब करने की साजिश, सीएम से करेंगे जांच की मांग: संदीप सिंह
खेल मंत्री संदीप सिंह ने महिला कोच के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि खेल मंत्री और खिलाड़ी होने के नाते उनके कार्यालय और आवास पर खिलाड़ी व अन्य लोग मिलने आते रहते हैं। महिला कोच सरासर झूठे आरोप लगा रही है। महिला कोच का तबादला झज्जर हुआ है। शायद इससे उसे दिक्कत हुई है। पत्रकारों से रूबरू संदीप सिंह ने कहा कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे, क्योंकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अवगत कराया और पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से भी बात की।
महिला के कोठी पर आने और छेड़छाड़ के आरोपों पर मंत्री ने कहा कि पूरी कोठी में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसे भी जांच करनी है कर सकता है। वह अपील करेंगे कि एक बार महिला कोच के साथियों, कर्मचारियों और खेल विभाग के अधिकारियों से भी उसके व्यवहार के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। महिला कोच पहले डीएसओ और डिप्टी डायरेक्टर के साथ भी झगड़ा कर चुकी हैं।
मंत्री ने महिला कोच के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ऐसा कुछ हुआ है तो वह पुलिस को शिकायत दे सकती थी। महिला अधिकारियों के पास भी अपनी बात रख सकती थी, लेकिन महिला कोच ने राजनीतिक दल के कार्यालय में जाकर आरोप लगाए हैं।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनमें कितनी सच्चाई होगी। इंस्टाग्राम पर चैट को लेकर भी मंत्री ने कहा कि अगर महिला कोच के पास कोई सबूत है तो वह सामने रखे। वह सामान्य तौर पर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और बहुत से लोगों से बात करते हैं।
तबादला फिर पंचकूला के लिए बोला, विदेश भेजने का आवेदन कर दिया था रद्द
खेल मंत्री ने कहा कि बुधवार को कोच आवास पर आई थी और उसने झज्जर के बजाय पंचकूला में ही रखने की मांग की थी। हालांकि, अन्य 11 कोच की मांग के अनुसार ही सभी को गृह जिलों में तैनात किया गया था। महिला कोच की मांग पर खेल निदेशक को निर्देश दिए थे कि इन्हें पंचकूला में ही रखा जाए। वहीं, मंत्री ने बताया कि इससे पहले महिला कोच ने विदेश में जाकर ट्रेनिंग लेने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन संबंधित फेडरेशन का सर्टीफिकेट न होने के कारण आवेदन रद्द कर दिया गया था।