हरियाणा में बढ़ते नशे को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस और हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) ने नशा तस्करों पर शिकंजा कसा है। पिछले कुछ दिनों में ब्यूरो ने नशा खरीद, भंडारण और वितरण में शामिल रहे 9 तस्करों को हिरासत में लिया है। इन आरोपियों की संपत्तियों की जांच की जा रही है, ताकि उन्हें कुर्क या जब्त किया जा सके। इसके अलावा, 40 अन्य तस्करों की भी पहचान कर ली है, इनको हिरासत में लेने की प्रकि्रया चल रही है।
हरियाणा पुलिस को बड़े पैमाने पर नशे की तस्करी करने वाले 3 तस्करों को हिरासत में लेने के लिए राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय से और बड़े पैमाने पर नशे की तस्करी करने वाले 6 तस्करों को हिरासत में लेने के लिए गृह विभाग से मंजूरी मिल गई है।
ये व्यक्ति लंबे समय से गुप्त रूप से नशीले पदार्थों की खरीद, भंडारण और वितरण में शामिल रहे हैं और अभी भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल हैं। इन 9 तस्करों में से 8 तस्करों को हरियाणा की विभिन्न जेलों में भेज दिया गया है। हिरासत में लिए गए लोग हरियाणा के सोनीपत, महेंद्रगढ़, पानीपत, रेवाडी, गुरूग्राम, पंचकुला और कैथल जिलों से संबंधित हैं।
बाक्सबश्खे नहीं जाएंगे पर्दे के पीछे काम करने वाले किंगपिन
डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम नशा तस्करी नेटवर्क के मुख्य संचालकों जैसे फाइनेंसरों, किंगपिन आदि जो आम तौर पर पर्दे के पीछे काम करने वालों पर नकेल कसने के लिए शक्तिशाली अधिनियम है। एक बार पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत निवारक हिरासत आदेश जारी होने के बाद, हिरासत में लिए गए व्यक्ति को कम से कम एक वर्ष के लिए हिरासत में रखा जा सकता है। इसके अलावा, बंदी और उसके रिश्तेदारों और सहयोगियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति भी एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त की जा सकती है। नशे के खिलाफ मुहिम जारी रहेगी।