जानकारी अनुसार इश्ताक को दारा की गिरफ्तारी की सूचना मिल गई थी, इसलिए उसने पिस्तौल बनाने का सामान इधर-उधर छिपाने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले कि वह सफल होता, सीआईए ने उसे बरेली से ही गिरफ्तार कर लिया। मामला संवेदनशील होने के कारण सीआईए उसे सीधा सिरसा ले आई।
कोर्ट से रिमांड हासिल करने के बाद ही सीआईए ने उसके घर से असलाह बनाने का सामान बरामद किया। सीआईए इंस्पेक्टर नरेश कुमार का कहना है कि दारा और इश्ताक अहमद की मुलाकात जेल में हुई थी। आठवीं तक पढ़े इश्ताक पर पहला केस 2012 में दर्ज हुआ था। अब सीआईए इश्ताक की कॉल डिटेल खंगालेगी, ताकि इस बात का पता किया जा सकें कि आरोपी ने दारा सिंह के अलावा हरियाणा में किसी अन्य को तमंचे बेचे हैं या नहीं।
दारा और अमरजीत सिंह के पास मिले थे 14 तमंचे
गौरतलब है कि बीती 19 दिसंबर को सीआईए सिरसा पुलिस ने गांव वैदवाला निवासी दारा सिंह व खैरपुर निवासी अमरजीत सिंह को 14 तमंचे के साथ काबू किया था। उसके बाद पुलिस ने दारा सिंह व अमरजीत सिंह से रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ कर पंजाब के गांव हारुवाल निवासी अवतार सिंह उर्फ लाडी को हिसार के एक होटल से पांच तमंचों के साथ पकड़ा।
इसके बाद अवतार की निशानदेही पर तीन और तमंचे बरामद किए गए, जबकि अवैध असलाह नेटवर्क के मुख्य सरगना इश्ताक अहमद को उत्तर प्रदेश के बरेली क्षेत्र से काबू किया था। इश्ताक अहमद से 2019 में भी उत्तर प्रदेश पुलिस ने अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी पकड़ी थी। उसके खिलाफ थाना बहेड़ी जिला बरेली (उत्तर प्रदेश) में शस्त्र अधिनियम का अभियोग भी दर्ज है।