सिविल लाइन एसएचओ श्री भगवान ने बताया कि पुलिस की जांच में सामने आया है कि गन्नौर के गौरव ने पाकिस्तान की महिला आईएसआई एजेंट को सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां दी थीं। यही नहीं व्हाट्सएप और मैसेंजर कॉल के माध्यम से भी वह उनके संपर्क में था। सेना से जुड़ी कई जानकारियां महिला आईएसआई एजेंट को भेजी थीं। आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल की गई। आरोपी को आफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत भी आरोपी बनाया गया है। पाकिस्तानी महिला आईएसआई एजेंट का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की गिरफ्तारी से पूर्व ही आरोपी गौरव ने अपने मोबाइल को जमीन पर पटककर तोड़ दिया था। पुलिस ने गौरव और आईएसआई एजेंट के बीच हुई बातचीत और ऑडियो कॉल को निकालने के लिए मोबाइल को गुरुग्राम की लैब भेजा था। मगर लैब में मोबाइल से डाटा रिकवर नहीं हो सका।
प्रेम जाल में फंसाकर गोपनीय जानकारियां हासिल करती है महिला एजेंट
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान की महिला आईएसआई एजेंट युवकों को प्रेम जाल में फंसाकर युवकों से सेना और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल करती हैं। गौरव को भी प्रेम जाल में फंसाकर एजेंट ने कई तरह की जानकारियां हासिल की थीं।
हो सकती है उम्रकैद तक की सजा
वरिष्ठ अधिवक्ता करण सिंह ने बताया कि महिला आईएसआई एजेंट को गोपनीय सूचना भेजने का मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है। इसलिए इस मामले में तीन से लेकर 14 साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा पचास हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।