यह है मामला
गोइंदवाल जेल की बैरक नंबर 1 में लॉरेंस गैंग और बैरक नंबर 2 में जग्गू भगवानपुरिया गैंग के गुर्गे बंद थे। गैंगवार से 2-3 दिन पहले भी इनकी झड़प हुई थी। इसके चलते इनकी बैरकें अलग-अलग कर दी गई थीं। इसी रंजिश में 26 फरवरी को इन्होंने जग्गू गैंग के दो गुर्गों की हत्या कर दी थी। जग्गू गैंग ने लोहे की पत्तियां लेकर लॉरेंस गैंग के गुर्गों पर हमला किया तो लॉरेंस गैंग ने उनसे लोहे की पत्तियां छीनकर उनके सिर पर कई वार कर दिए। इस गैंगवार में मनदीप सिंह तूफान और मनमोहन सिंह मोहना की मौत हो गई जबकि केशव समेत तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
जेल में मोबाइल: पुलिस और गैंगस्टरों का गठजोड़
पंजाब की जेलों में गैंगस्टरों व आतंकियों के पास मोबाइल मिलना कोई नहीं बात नहीं है। रोज किसी न किसी जेल में मोबाइल व सिम कार्ड बरामद होते रहते हैं। इनमें पटियाला के नाभा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल समेत तमाम जेलों में पुलिस और गैंगस्टरों का गठजोड़ सामने आता रहा है। हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बावजूद पुलिस ने तो जेलों में जैमर न लगा पाई है और न ही मोबाइल अंदर जाने से रोक पा रही है। गोइंदवाल में हुई घटना से जेल प्रशासन भी सवालों के घेरे में है। सीनियर अफसरों ने गैंगवार की पूरी रिपोर्ट मांगी है।
इस मामले की और गहराई से जांच होगी। इसमें संलिप्त सभी गैंगस्टरों को प्रोडक्शन वारंट पर लिया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जेलों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा और चेकिंग बढ़ाई जाएगी, ताकि जेल के अंदर मोबाइल व अन्य संदिग्ध सामान न पहुंच सके। - सुखचैन सिंह गिल, आईजी, पंजाब पुलिस।
जेल में बंद गैंगस्टर ने सुरक्षा कर्मियों पर किया हमला
उधर, अमृतसर की केंद्रीय जेल में बंद गैंगस्टर ने जेल के सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया है। सहायक अधीक्षक दयाल सिंह के अनुसार जेल में बंद गैंगस्टर और तस्कर विशाल मल्होत्रा निवासी गुरु रामदास नगर गिलवाली गेट ने जेल के सुरक्षाकर्मियों के साथ झगड़ा किया है। जेल के नियमों का उल्लंघन किया है। जेल में अमन-कानून को भंग किया। इस संबंध में थाना इस्लामाबाद में शिकायत दी गई है।