पंजाब के गैंगस्टर व आजाद नेता रॉकी की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के फाजिल्का जिले का नेता और गैंगस्टर जसविंदर सिंह रॉकी की मौत चंडीगढ़ से पीछे लगी थी। पुलिस यह मानकर जांच कर रही है कि हमलावरों को उसके हर मूवमेंट की पल-पल की जानकारी थी। सेक्टर-27 निवासी पवन शर्मा का शव दो दिन पहले लुधियाना स्थित नहर में मिला था। उसके साथ पवन के भांजे जयंत के अलावा राम बाउंसर और जानू नागरा की भी लाश मिली थी।
पवन के भाई रमन ने बताया कि जसविंदर सिंह रॉकी और पवन की बचपन से दोस्ती थी। दोनों का परिवार फाजिल्का में एक ही जगह से ताल्लुक रखता है। रॉकी शुक्रवार शाम को पवन के संस्कार में शामिल होने चंडीगढ़ आया था। वहां वह ढाई घंटे तक रुका और इसके बाद करीब 6:40 बजे श्मशान घाट से निकला था। सूत्रों का कहना है कि चंडीगढ़ में आने की खबर रॉकी के विरोधी गुट को लग गई थी। पुलिस की जांच टीम भी इसी एंगल पर काम कर रही है। उसका अंदेशा है कि रॉकी के पल पल के मूवमेंट की जानकारी हत्यारों को थी और वे चंडीगढ़ से ही उसक ो फॉलो कर रहे थे।
पवन केस में बढ़कर किया था पैरवी
परिजनों ने बताया कि पवन की बहन डीएवी में टीचर हैं। उन्होंने पवन को ट्यूशन भी पढ़ाया है। चारों के लापता होने के बाद रॉकी ने पंजाब पुलिस और अन्य स्थानों पर जमकर पैरवी की थी। उन्होंने पवन को अपना भाई बताकर पंजाब पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
पुलिस की थ्योरी पर संदेह
पंजाब के गैंगस्टर व आजाद नेता रॉकी की हत्या
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परिजनों ने आरोप लगाया है कि पवन शर्मा, जयंत सहित चारों की मौत को लेकर पुलिस की थ्योरी पर संदेह है। उनका आरोप है कि हालात कई प्वाइंट को संदिग्ध बता रहे है। पहली तो गाड़ी काफी ज्यादा टूटी पड़ी मिली। दूसरी क्या 120 दिनों में लाश की हालत इस तरह की होती? परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके सामने राजू नाम का फर्जी गवाह पेश करके गुमराह किया था। राजू ने बताया था कि जयंत को उसने 15 जनवरी को माल की डिलीवरी दी थी। जबकि, चारों अपनी गाड़ी सहित 14 जनवरी की रात से ही लापता थे।
घायल परमपाली पीजीआई भर्ती
उनके रिश्तेदार परमपाली को लगी गोली कान के पार हो गई, और वह घायल हालत में आठ किमी तक कार को ड्राइव करता हुआ अस्पताल पहुंचा। जहां से उसे चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती करवाया गया। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। जबकि, बातचीत के दौरान परमपाल पाली ने कुछ भी बोले से साफ इनकार किया है।
चंडीगढ़ में कभी था वांटेड
गैंगेस्टर जसविंदर सिंह रॉकी पर साल 2006 में गैंगेस्टर प्रभजिंदर सिंह डिंपी के मर्डर कां आरोप लगा था। डिंपी का मर्डर लेक क्लब के पास पिस्टल से गोली मारकर किया गया था। इसके बाद रॉकी काफी समय तक चंडीगढ़ में वांटेड रहा था। हालांकि, बाद में उसको केस से जमानत मिल गई थी।
सोशल साइट्स पर बदला पूरा होने की खुशखबरी
हत्याकांड में जोधा कोठागुरु नामक के युवक ने सोशल नेटवर्किंग साईट फेसबुक पर स्टेटस अपडेट किया है। उसने लिखा है कि आज उसके भाई शेरा खुबन का बदला पूरा हो गया है। इसके अलावा जोधा कोठागुरु ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी लिखा है कि अगर हमारा एक मारोगे तो तुम्हारे कई जाएंगे। फिलहाल, परवाणू पुलिस जसविंदर सिंह रॉकी का पोस्टमार्टम शिमला में करवा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉक्टरों ने पुलिस को पोस्टमार्टम इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल शिमला करवाने की सलाह दी थी।