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गैंगस्टर मोंटी शाह के मददगार चचेरे भाई गिरफ्तार, वारदात में देते थे साथ 

Fri, 04 Dec 2020 01:33 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला, चंडीगढ़
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गैंगस्टर मोंटी शाह। - फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह हत्याकांड के गवाहों पर पिस्टल तानने के आरोपी गैंगस्टर मोंटी शाह के मददगार चचेरे भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी विनय और मोहित कालका के हैं। इन्हीं दोनों ने राजस्थान के बागड़ गोगा माड़ी में माथा टेकने के बहाने मोहाली निवासी दोस्त से वरना कार मांगी थी। इसी कार में वारदात को अंजाम देकर तीनों फरार हुए थे। आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 

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सेक्टर-34 थाना प्रभारी बलदेव कुमार की सूचना पर वरना कार सवार दोनों आरोपियों को मंगलवार को ट्रिब्यून चौक से दबोचा गया था। दोनों का दो-दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी मोहित और विनय चचेरे भाई हैं और गैंगस्टर मोंटी शाह की बुआ के लड़के हैं।


आरोपियों ने यह भी बताया है कि 12 अक्तूबर की रात बुड़ैल में सोनू हत्याकांड के गवाह प्रवीण शाह और तीरथ पर पिस्टल तानने के बाद मोंटी शाह, मोहित और विनय कालका भाग गए थे। आरोपियों ने कुछ दिन कालका में बिताए और फिर राजस्थान रवाना हो गए। इसके बाद गैंगस्टर मोंटी शाह ने राजस्थान में ठिकाना बना लिया। इसके बाद से मोहित और विनय का मोंटी से संपर्क टूट गया। तब से आरोपी मोंटी फरार है। 
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मोंटी का अब तक सुराग नहीं 
आरोपी भाइयों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मोंटी के ठिकानों का पता लगाने के बारे में पूछताछ की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। जबकि कुछ दिन पहले आरोपी ने अपना फेसबुक अकाउंट भी अपडेट किया था। पुलिस अब आरोपी तक पहुंचने के लिए उसके मोबाइल नंबर का भी सहारा ले रही है। 

पुलिस के पहुंचने से पहले ही मोंटी हो गया था फरार
मोंटी की गिरफ्तारी नहीं होने पर यूटी पुलिस ने उसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। 22 अक्तूबर को पुलिस गुप्त सूचना पर राजस्थान के हनुमानगढ़ में मोंटी के ठिकाने पर दबिश देने गई थी लेकिन वह पहले ही फरार हो गया। जबकि मोंटी को पनाह देने वाले दो भाई परविंदर व दीपक वाधवा समेत एक अन्य वीरेंद्र सोनी को गिरफ्तार किया था।

पकड़े गए आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सक्रिय सदस्य थे और वह गैंग के शूटरों को आश्रय, हथियार समेत वाहन उपलब्ध कराने का काम करते थे। आरोपियों ने मोंटी को वह पिस्टल भी मुहैया कराई थी, जो उसने गवाह तीरथ और प्रवीण शाह पर तानी थी। 

11 अक्तूबर को गवाहों पर तानी थी पिस्टल, छिपकर दोनों ने बचाई जान
11 अक्तूबर की रात गैंगस्टर मोंटी शाह दोनों हाथों में पिस्टल लहराते हुए सोनू शाह हत्याकांड के गवाह प्रवीण शाह और तीरथ को जान से मारने की नीयत से बुड़ैल स्थित उनके दफ्तर की तरफ आ रहा था तभी तीरथ ने मोंटी शाह को देख लिया।

मोंटी पिस्टल तानकर उनकी ओर बढ़ा लेकिन प्रवीण और तीरथ दोनों दफ्तर में छिप गए। इसके बाद वह फरार हो गया था। वारदात दफ्तर के बाहर गली में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।

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