जीरा के विधायक कुलबीर सिंह ने फिरोजपुर रेंज के आईजी एमएस छीना पर नशा तस्करों के साथ मिले होने के आरोप लगाए गए थे। विधायक जीरा को कैप्टन सरकार ने नोटिस जारी कर तलब भी किया था। विधायक ने कांग्रेस पंजाब प्रधान सुनील जाखड़ को आईजी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश करने की बात कही थी।
विधायक ने फिरोजपुर के कांग्रेसी विधायक परमिंदर सिंह पिंकी को साथ लेकर डीजीपी सुरेश अरोड़ा से आईजी छीना के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। डीजीपी ने जांच का भरोसा भी दिया था।
पकड़ा कहीं से गिरफ्तारी कहीं से दिखाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपी नीरज कुमार गिन्नी को मोगा से नहीं बल्कि जीरा से गिरफ्तार किया था, लेकिन एफआईआर में आरोपी की गिरफ्तारी मोगा के हरिजन कालोनी से दिखाई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एक दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी गिन्नी की वीडियोग्राफी के दौरान इंटेरोगेशन होगी और इसमें विधायक जीरा के साथ उसके संबंधों के खुलासे को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
उलझाने की कोशिश कर रही पुलिस : जीरा
जीरा से कांग्रेसी विधायक कुलबीर सिंह जीरा ने कहा कि आला अधिकारियों के नाम सामने आने पर अब पुलिस उन्हें उलझाने की कोशिश कर रही है। वह दूध का दूध और पानी का पानी करके ही दम लेंगे। विरोधी पक्ष द्वारा नीरज कुमार के खिलाफ झूठा हत्या का केस दर्ज करवाया गया था।
इस मामले में पुलिस खुद नीरज कुमार के हक में जांच कर चुकी है, लेकिन जिला मोगा होने के कारण नीरज कुमार को पता ही नहीं चला कि अदालत ने कब उसे भगोड़ा करार दिया। वहीं भगोड़ा करार दिए जाने के तीन साल बाद ही पुलिस को नीरज की याद क्यों आई।
चर्चा यह भी है कि फिरोजपुर रेंज के आईजी एसएम छीना और कांग्रेसी विधायक कुलबीर सिंह जीरा में चल रही खींचतान के बाद आईजी के इशारे पर नीरज को अब गिरफ्तार किया है। आरोपी को तीन साल पहले अदालत द्वारा भगोड़ा करार दिया जा चुका है, लेकिन विधायक के साथ कई सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने के बावजूद आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई।