लंदन में रहने वाली महिला के भाई ने फर्जीवाड़ा कर पंचकूला सेक्टर-16 स्थित बहन के हिस्से की कोठी बेच दी। कोठी खरीदने वाला उसमें रहने भी लगा और जब महिला ने इसकी तफ्तीश की तो फर्जीवाड़े का राज खुला।
आखिरकार, महिला ने इंग्लैंड के मिडलसेक्स में रहने वाले अपने भाई और भाभी के खिलाफ पंचकूला पुलिस में शिकायत दी और कोर्ट में भी केस दायर किया।
अब कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-14 थाने में दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420(धोखाधड़ी), 467(जालसाजी), 468(धोखे के लिए जालसाजी), 471(फर्जी दस्तावेज को असली के तौर पर इस्तेमाल करना) व 120बी(साजिश रचाना) के तहत दर्ज किया गया।
खुद के नाम ट्रांसफर कर ली कोठी
लंदन निवासी कमलजीत कौर (60) ने मिडलसेक्स में रहने वाले अपने भाई सुरेंद्र पाल सिंह बैंस व उनकी पत्नी महेंद्र कौर के खिलाफ फरवरी 2014 में डीसीपी कार्यालय में शिकायत दी थी। आरोप है कि पति-पत्नी ने धोखे से पंचकूला सेक्टर-16 स्थित कोठी को खुद के नाम ट्रांसफर कराकर उसे किसी को बेच दी।
कमलजीत कौर की शिकायत के मुताबिक, 1976 में हुडा से उनकी मां बलविंदर कौर को प्लॉट अलॉट हुआ था। इसके बाद उस जगह पर कोठी बनाई गई। जून 1981 में मां की मौत हो गई और कोठी उनके पिता मकसूदन सिंह के नाम हो गई।
1991 में मकसूदन सिंह की भी मौत हो गई। इसके बाद यह कोठी कमलजीत कौर व उनके भाई के नाम पर आ गई और काफी समय तक ऐसे ही चलता रहा।
लंदन में पता चला, कोठी में कोई रहने लगा है
कमलजीत कौर की शिकायत के मुताबिक, कोठी के आसपास रहने वाले जानकारों से उन्होंने कह रखा था कि कोठी का ध्यान रखें। नवंबर 2013 में उन्हें किसी पड़ोसी ने बताया कि कोठी में कोई अनजान लोग आकर रहने लगे हैं।
कुछ समय बाद वह इंडिया आई तो पता चला कि कोठी में रहने वालों ने यह कोठी उनके भाई से खरीदा है। इसके बाद उन्होंने हुडा से जानकारी मांगी कि अकेले सुरेंद्र पाल सिंह यह कोठी कैसे बेच सकते हैं, तो पता चला कि कोठी उनके नाम ट्रांसफर हो चुकी है। कमलजीत कौर के मुताबिक, उन्होंने इस बाबत अपने भाई से बातचीत की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
हुडा में जमा कराया लंदन से बना एफिडेविट
ईओडब्ल्यू में मामले की जांच चल ही रही थी। इसी बीच कमलजीत कौर ने कोर्ट में केस दायर कर दिया और अब कोर्ट के आदेशों पर ही मामला दर्ज हुआ है।
हालांकि, अभी तक की जांच में सामने आया कि हुडा में लंदन से बना एक एफिडेविट जमा है, जिसमें कमलजीत कौर ने अपने भाई को कोठी को बेचने के लिए अधिकृत किया है।
अब पुलिस जांच का विषय यह है कि यह एफिडेविट असली है या नकली? पुलिस लंदन में उस वकील को भी पत्र लिखकर एफिडेविट के बारे में पूछेगी, जिसने यह बनाया है।