आम आदमी पार्टी के रायकोट से विधायक हाकम सिंह ठेकेदार के बेटे गुरदेव सिंह ठेकेदार की शिकायत पर थाना सिटी रायकोट में फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस सांसद अमर सिंह के ओएसडी जगप्रीत सिंह भुट्टर और कांग्रेस सरपंच व सांसद के दफ्तर के प्रभारी सुखपाल सिंह गौंदवाल के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
दोनों पर आरोप है कि 2017 से 2022 इलाके के क्लस्टर और ठेकेदारी में हिस्सा देने के बदले करीब सवा नौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। इस बीच, प्रतिशोध की राजनीति का आरोप लगाते हुए सांसद अमर सिंह और उनके बेटे कामिल अमर ने पांच जनवरी को रायकोट में धरना देने की घोषणा की है।
विधायक हाकम सिंह ठेकेदार के बेटे गुरदेव सिंह ने 15 अक्तूबर 2022 को एसएसपी (देहात) हरजीत सिंह को एक शिकायत सौंपी थी। इसकी जांच रायकोट के डीएसपी रछपाल सिंह ढींडसा को भेजी गई थी। गुरदेव सिह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि डॉ. अमर सिंह के दफ्तर प्रभारी और मौजूदा कांग्रेस सरपंच सुखपाल सिंह उर्फ सुक्खा वर्ष 2017 में ट्रक यूनियन रायकोट के प्रधान और सांसद के ओएसडी जगप्रीत सिंह बुट्टर ट्रक यूनियन के कैशियर थे।
ट्रक यूनियन से फोन कर मुझे गुरुद्वारा टाहलीआना साहिब बुलाया गया। गुरदेव ने कहा कि मुझसे कहा गया कि मैं रायकोट क्लस्टर की अनाज मंडी मे ट्रांसपोर्ट व लेबर के ठेके साझे तौर पर लेता हूं और इनका प्रॉफिट भी बांटा जाएगा। गुरदेव सिंह के मुताबिक उसने गुरुद्वारा टाहलीआना साहिब मे दोनों लोगों को 10 लाख रुपये जगरांव के राम लुभाया से उधार लेकर कर्मजीत सिंह निवासी सुखाना के सामने दे दिए।
इस दौरान जगप्रीत सिंह व सुखपाल सिंह ने वर्ष 2017 से 2022 तक रायकोट अनाज मंडी के टेंडर हासिल कर लिए, परंतु शिकायतकर्ता को उसका बनता प्रॉफिट नहीं दिया। इसी मामले मे एसएचओ सिटी रायकोट की जांच रिपोर्ट पर डीएसपी रायकोट रछपाल सिंह ने फाइल एसएसपी हरजीत सिंह के पास भेजी। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर रायकोट थाना सिटी में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सरकार का फायदा उठाकर हासिल किए टेंडर: डीएसपी
जांच दौरान डीएसपी रछपाल सिंह ढींडसा ने रिपोर्ट में लिखा है कि जगप्रीत सिंह भुट्टर और सुखपाल गौंदवाल ने सरकार का फायदा उठाते हुए ही वर्ष 2017 से 2022 तक अनाज मंडी की ढुलाई और लेबर के टेंडर समय-समय पर किसी चहेते के नाम करवाए। पंरतु बार-बार कहने के बावजूद गुरदेव सिंह को बनता हिस्सा नहीं दिया। रिर्पोट के मुताबिक आरोपियों ने पांच वर्ष पनग्रेन, पनसप, मार्कफेड, वेयर हाउस व पंजाब एग्रो सहित कई फूड ऐंजसियों के टेंडर हासिल कर धोखाधड़ी की। इस संबंध में जगप्रीत सिंह व सुखपाल सिंह को फोन करके पक्ष हासिल करने की कोशिश भी की गई पंरतु दोनों के ही फोन स्विच ऑफ मिले।