हरियाणा के करनाल जिले के गांव दरड़ में एक चार माह के मासूम की झोलाछाप डॉक्टर व उसके दो कंपाउंडर के गलत अंग्रेजी दवा देने से मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर समेत दोनों कंपाउंडर पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया है। गांव दरड़ निवासी रोहित ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके दो लड़के हैं। एक ढाई का साल विराज और दूसरा छोटा लड़का चार माह का समर था।
समर को करीब 15 दिन से बुखार आ रहा था तो वह अपनी पत्नी संग अपने बच्चे को गांव दरड़ में डॉ. सुरजीत के पास दिखाने ले गया। डॉ. सुरजीत ने समर को अपनी केमिस्ट की दुकान के अंदर दाखिल कर लिया और करीब पांच दिन वहीं एडमिट रखा। उसकी दुकान पर राजेंद्र व सचिन भी काम करते हैं। दोनों लड़के सुरजीत के कहने पर उसके बेटे का इलाज करते थे।
पांच दिन बाद जब बेटे की तबीयत में सुधार हुआ तो डॉक्टर ने उसे छुट्टी दे दी और छह हजार रुपये का बिल बना दिया। उसने डॉक्टर को 5500 रुपये का भुगतान भी कर दिया। कुछ दिन आराम रहने के बाद छह नवंबर को उसके बेटे को फिर से बुखार आ गया तो वह उसे दोबारा डॉ. सुरजीत के पास लेकर पहुंचा। डॉक्टर के न होने पर राजेंद्र व सचिन ने डॉक्टर से पूछकर उसके बेटे को दवाई दी और उसे घर भेज दिया।
घर आने के अगले दिन ही उसके बेटे की तबीयत खराब हो गई। वह उसे मोटरसाइकिल से करनाल अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने डॉक्टर समेत उसके दोनों कंपाउंडर पर बच्चे को गलत अंग्रेजी दवा देने का आरोप लगाया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। वहीं दोनों कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया है।