तलाशी के दौरान इनके कब्जे से पिस्तौल और अन्य हथियार मिले। पुलिस के मुताबिक आरोपी किराए के मकान में कुछ समय पहले ही रहने आए थे। आरोपियों ने फ्लैट मालिक को कुछ पैसे भी एडवांस भी दे दिए थे और कुछ पैसे आने वाले समय में देने थे। उसी बकाया पैसे के लिए उन्होंने लूट की योजना बना डाली। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि कुछ समय पहले सेक्टर-32 में गोली चलाई गई थी, इस मामले में ये शामिल थे।
दो गुटों में होती थी वर्चस्व की जंग
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुभम अरोड़ा और गैंगस्टर पुनीत बैंस में पुरानी रंजिश है। दोनों के पास काफी संख्या में युवा जुड़े हैं। दोनों गुट अपना वर्चस्व कायम रखने की खातिर गैंगवार को अंजाम देते हैं। इससे पहले सेक्टर- 32 और कुछ दिन पहले नीला झंडा गुरुद्वारा साहिब रोड पर भी दोनों गुटों में मारपीट हो चुकी है।
आरोपी वृंदावन इलाके में घूमने गए थे तो वहां से सस्ते भाव में पिस्तौल खरीदकर लाए थे। सीपी ने कहा कि इन पर पहले भी हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में मामले दर्ज हैं। सभी जमानत पर जेल से बाहर हैं। जेल से आने के बाद फिर से वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि विशाल गिल को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा ताकि इलाके में वारदातों पर भी अंकुश लगाया जा सके।