मुख्यमंत्री प्रचार प्रकोष्ठ के पूर्व चेयरमैन रॉकी मित्तल को कैथल पुलिस ने मंगलवार सुबह पंचकूला स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। मित्तल पर छह साल पहले आढ़ती की हत्या के मामले में रोड जाम करने और जज से झगड़ा करने का आरोप है। पुलिस ने उन्हें मंगलवार दोपहर बाद सिविल जज सीनियर डिविजन रजनी कौशल की अदालत में पेश किया। वहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया है।
प्रचार प्रकोष्ठ के चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद से ही रॉकी मित्तल हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर निशाना साध रहे थे। सोमवार को भी मित्तल ने करनाल में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे। मंगलवार को कैथल पुलिस उनके पंचकूला स्थित आवास पर पहुंची, जहां से उन्हें 11 बजे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी से पहले मित्तल और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई। रॉकी मित्तल के वकील आरडी शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने छह साल पुराने मामले में राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई की है। पुलिस 23 सितंबर 2015 को रिपोर्ट दे चुकी है कि मामले में रॉकी मित्तल की संलिप्तता नहीं पाई गई है। न ही न्यायिक अधिकारी उस समय ड्यूटी पर थे। वे विवाह समारोह से लौट रहे थे।
मामले में पुलिस जांच में मित्तल की संलिप्तता नहीं मिलने को अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया था, इसलिए मामले की जांच जारी थी। अब न्यायाधीश विवेक नासीर की सप्लीमेंट स्टेटमेंट ली। इस केस में नई धाराएं जोड़ी गई हैं क्योंकि उस समय न्यायाधीश ड्यूटी पर जा रहे थे। झगड़े के दौरान नीली बत्ती गाड़ी से उतार कर न्यायाधीश के मुंह पर फेंकी थी। नीली बत्ती को बरामद करवाने के लिए रॉकी मित्तल को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। 12 मार्च को दोबारा न्यायालय में पेश किया जाएगा। - शिव कुमार, एसएचओ सिटी (जांच अधिकारी)