हरियाणा के रतिया में पिछले 12 दिनों से एक एनआरआई महिला को बंधक बनाकर जबरन वेश्यावृत्ति कराने का मामला प्रकाश में आया है। बृहस्पतिवार को आरोपियों के चंगुल से छूटी महिला ने नजदीक के गुरुद्वारे में पनाह ली और सुरक्षा की गुहार लगाई।
लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, सूचना मिलने पर शहर पुलिस चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश, थाना प्रभारी विजेन्द्र सिंह और महिला सब इंस्पेक्टर अरुणा सहित पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान महिला को लेने पहुंचे दोनों आरोपी पुलिस को देखकर वहां से भाग निकले।
पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराते हुए गुवाहटी की महिला ने बताया कि करीब 12 दिन पहले 2 युवक उसे काम दिलाने का झांसा देकर जबरन रतिया लेकर आए थे। उसे वार्ड नं. 15 के एक मकान में रखा गया था। महिला ने आरोप लगाया कि उक्त लोग उससे वेश्यावृत्ति कराते थे, इसके लिए रात में गाड़ी से उसे दूसरे स्थान पर भेजा जाता था।
मना करने पर उसे मारा पीटा जाता था। आज मौका मिलने पर वह किसी तरह उनके चंगुल से निकल भागी और पड़ोस के गुरुद्वारे में आ गई। महिला ने पुलिस के समक्ष आरोपियों पर कई संगीन आरोप लगाए थे।
किसी पर भी कार्रवाई नहीं चाहती एनआरआई महिला
एनआरआई महिला ने कहा कि प्रवासी होने के कारण वह किसी पर भी कार्रवाई नहीं चाहती, बल्कि अपने घर वापस जाना चाहती है। बयान दर्ज कर पुलिस ने महिला को उप मंडलाधीश की अदालत में पेश कर दिया, जहां उसके बयान कलमबद्ध करने के बाद, पुलिस सुरक्षा में गुवाहाटी भेज दिया गया।
क्या कहते हैं लोग
स्थानीय निवासी मिलख राज, प्यारा सिंह, बलविन्द्र सिंह, हरपाल सिंह, राकेश सिंह व अन्य लोगों ने बताया कि उनके घरों के समीप किराए के एक मकान में ही कुछ लोग रह रहे हैं और जहां निरंतर संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक गाड़ी हमेशा यहां रात्रि के समय ही आती-जाती रहती है।
उन्होंने बताया कि आज सुबह गुरुद्वारे में खड़े थे तो उपरोक्त घर से उक्त महिला भाग कर आई और हाथ-पांव जोड़ते हुए उक्त लोगों की चंगुल से छुड़वाने की गुहार की। जब महिला को लेने आए गाड़ी पर सवार 2 युवक भागने लगे तो उन्होंने गाड़ी को घेर लिया था, लेकिन इसके बाद गाड़ी में सवार युवक मकान की छत फांद कर फरार हो गए।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी
इस संदर्भ में जब थाना प्रभारी विजेन्द्र सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि कालोनी वासियों ने ही प्रवासी महिला को बंधक बनाकर वेश्यावृत्ति करवाने की सूचना मिली थी और इस सूचना के आधार पर ही महिला पुलिस अधिकारी के साथ टीम पहुंची थी।