बाद में बैंक को फिर से लोन के लिए एप्लाई किया गया तो इनके लोन के अदायगी ट्रैक को देखते हुए दोनों को साल 2017 में 45-45 हजार रुपये। इसके बाद मार्च 2019 में 60-60 हजार रुपये का ग्रुप लोन मुहैया कराया गया। साथ ही दोनों को एक-एक क्रेडिट कार्ड समेत पिन नंबर दिया गया था। पिछले करीब दो महीनों से बैंक मैनेजर ने पाया कि इन कार्डों से लिमिट से काफी ज्यादा ट्रांजेक्शन गैरकानूनी तौर पर विभिन्न एटीएम, पेट्रोल पंप व अन्य जगहों पर की गई थी।
एसएसपी ने बताया कि कुलदीप कौर ने राजवीर कौर को विश्वास में लेकर उसका कार्ड ले लिया था। बाद में कुलदीप कौर ने अपने लड़के गुरलाल सिंह उर्फ लाल, पति अमरजीत सिंह साथ मिलकर पिछले दो महीनों में कार्ड को 195 बार इस्तेमाल करके करीब 59 लाख 5 हजार 431 रुपये और कुलदीप कौर की ननद नरिंदर कौर व उसके लड़के कर्मजीत सिंह उर्फ सोनू की ओर से कार्ड को 443 बार इस्तेमाल करके करीब 62 लाख 99 हजार 110 रुपये की ट्रांजेक्शन करके इस ठगी की रकम से सोने के गहने, घरेलू सामान, कपड़े, नई बुलेरो कार, एक नई आल्टो कार व एक एक्टिवा खरीद लिए। इसके अलावा पंपों से काफी मात्रा में कार्ड के जरिए पेट्रोल व डीजल डलवाकर करीब एक करोड़ 22 लाख की ठगी की।
कुलदीप कौर, उसके पति व बेटे से पुलिस ने 325 ग्राम सोने के गहने, एक बुलेरो कार, हांडा एक्टिवा और ननद व उसके बेटे के घर से स्टोर में दबे हुए करीब आधा किलो सोने के गहने बरामद कराए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में यह भी माना है कि उनकी ओर से काफी मात्रा में सोने के गहने अन्य बैंकों में रखकर लोन लिया है और लोन पर लिया पैसा इनके बैंक खातों में जमा है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों का चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
आरोपी अनपढ़ से 12वीं पास तक
एसएसपी ने बताया कि ठगी के इस केस में कोई भी व्यक्ति आईटी माहिर नहीं है। इनमें से आरोपी अमरजीत सिंह (50) पांचवीं पास है। गुरलाल सिंह (23) बारहवीं पास, कुलदीप कौर (45) अनपढ़, नरिंदर कौर (53) पांचवीं पास और कर्मजीत सिंह (29) बारहवीं पास है।