जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट से सबूतों के अभाव में हत्या के पांच आरोपियों को बरी कर दिया गया। उन पर आरोप ही दोस्त की हत्या के आरोप थे, जो कोर्ट में साबित नहीं हो सके।
चंडीमंदिर थाने में गत वर्ष 19 नवंबर को इन पांच युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था, जिनमें आरोपियों के एक साथी की ड्रग ओवरडोज से मौत हो गई थी।
पुलिस केस के मुताबिक, सेक्टर-25 के गांव बणा निवासी गुरप्रीत की हत्या के आरोप में उसके साथी अजय राणा, अमनप्रीत उर्फ टोनी, सुरेंद्र उर्फ संजू, सतविंद्र उर्फ सोनी व मनीष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
19 नवंबर 2013 को एक बोलेरो कार सवार युवक गुरप्रीत को सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल में स्ट्रेचर पर छोड़कर चले गए थे। डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर किया।
वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि ड्रग की ओवरडोज से गुरप्रीत की मौत हुई थी।
आरोप था कि संजू और मनीष गाड़ी में गुरप्रीत को साथ लेकर मोरनी गए थे, जहां उन्होंने ड्रग्स ली। इस दौरान ओवरडोज से गुरप्रीत की तबीयत खराब हो गई और दोनों युवक उसे अस्पताल में छोड़ गए।
इस दौरान अन्य आरोपी भी उनके साथ हो लिए। आरोप था कि संजू ड्रग्स की सप्लाई करता था।