बकाएदारों से फंसे रुपये नहीं मिलने से परेशान एक फाइनेंसर ने गुस्से में आकर जानलेवा कदम उठा लिया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है। मामला, हरियाणा के भिवानी जिले का है।
सिविल लाइन थाना के पीछे पुराना बस स्टैंड के नजदीक आसलवास दुबिया गांव वासी फाइनेंसर करीब 39 वर्षीय महेंद्र किराये पर रहता था। उसने किराये के मकान में ही कार्यालय बना रखा था। सोमवार देर रात महेंद्र ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
मंगलवार अल सुबह करीब चार बजे कुछ दोस्त उसे उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने उसके शरीर से जहरीला पदार्थ निकाला। इलाज के दौरान सुबह करीब पौने छह बजे फाइनेंस ने दम तोड़ दिया। सूचना पर गांव से उसके परिजन व अन्य पहुंचे।
पुलिस को दिए बयान में फाइनेंसर की पत्नी मीना ने बताया कि सोमवार दोपहर 12 बजे ही महेंद्र घर से भिवानी शहर के लिए गया था। उसने कुछ लोगों को फाइनेंस पर रुपये दे रखे थे। रुपये लेने वाले अब रुपये नहीं लौटा रहे थे, उल्टा जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
25 लाख रुपये अटके बकाएदारों पर
जान से मारने की धमकी के कारण उनके पति कुछ दिनों से तनाव में थे और यह कदम उठाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया और विसरा जांच के लिए लैब भिजवाया।
मामले में सिविल लाइन थाना से कार्यकारी इंचार्ज एसआई उमेद सिंह ने बताया कि जहरीले पदार्थ के सेवन से फाइनेंसर महेंद्र की मौत हुई है। उसकी पत्नी मीना के बयान पर कायला वासी संजय, नया बाजार वासी अमित, संजय पंजाबी, मनोज डीलर, किरोड़ीमल मंदिर के नजदीक रहने वाले विजय शर्मा, लोहानी वासी संजय, जैन चौक वासी कृष्ण कुमार, अंकित कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। अभी मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मृतक महेंद्र सिंह की पत्नी मीना ने बताया कि बकाएदारों में उनके करीब 25 लाख रुपये अटके हुए थे। उक्त बकाएदार रुपये लौटाने की बजाए जान से मारने की धमकी दे रहे थे। महेंद्र ने रुपये लौटाने से मना करने वाले तीन-चार के खिलाफ कोर्ट केस भी किया है। बकाएदारों में अटके लाखों रुपये के कारण ही महेंद्र तनाव में था।