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50 करोड़ न दिए तो बाप को मार दी गोली

Mon, 01 Sep 2014 01:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब मंडी बोर्ड के पूर्व चीफ इंजीनियर केसर सिंह (72) को उनके इकलौते बेटे ने रविवार को दो गोलियां मार कर बुरी तरह घायल कर दिया। इसके बाद 46 वर्षीय बेटा हरमिंदर सिंह खुद ही थाने पहुंच गया।
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यह घटना रविवार दोपहर बाद सेक्टर-36 डी में केसर सिंह की कोठी में हुई। केसर सिंह का परिवार मूल रूप से पंजाब के संगरूर का रहने वाला है वहां पर कई एकड़ जमीन भी है।

हरमिंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके पिता के पास 200 करोड़ रुपये हैं और वह उनसे 50 करोड़ मांग रहा था। काफी बहस के बाद भी वह सिर्फ 20 करोड़ रुपये देने को ही राजी हुए। इस पर पहले उसने पिस्तौल तान कर उन्हें धमकी दी और फिर भी बात न मानने पर फायरिंग कर दी। एक गोली केसर सिंह की टांग पर लगी और दूसरी कंधे पर।
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पुलिस को नहीं हुआ करतूत पर विश्वास

सेक्टर-36 थाने में दाखिल होते ही हरमिंदर सिंह ने कहा कि मैं बेस्ट शूटर हूं और पिता को गोलियां मार कर आया हूं। पुलिस को इस करतूत पर विश्वास नहीं हुआ पुलिस कर्मी जब घटना स्थल पर पहुंचे तब उन्हें पता चला कि वह सच बोल रहा था।

पुलिस के अनुसार हरमिंदर के पास लाइसेंसी पिस्तौल है। उसका पिता के साथ पहले भी विवाद होता रहता था। हरमिंदर सिंह ने दो शादियां कीं। एक से तलाक हो चुका है और उसके चार बच्चे हैं।

एक बेटा-बेटी ही साथ रहते हैं। वारदात के बाद पोती ही दादी हरबंस कौर के साथ घायल केसर सिंह को सेक्टर-16 अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां केसर सिंह की हालत गंभीर बनी है। पोती पीयू से पीएचडी कर रही है। परिवार के हर सदस्य के पास अपनी अलग लग्जरी गाड़ी है।

जीरकपुर में बेची थी प्रॉपर्टी

पुलिस के अनुसार केसर सिंह ने कुछ समय पहले जीरकपुर में अपनी प्रॉपर्टी बेची थी। इसके पैसे को लेकर ही हरमिंदर पिता से कई दिन से झगड़ा कर रहा था।

विवाद सुलझाने के लिए रविवार को चाचा मान सिंह को भी संगरूर से बुला लिया था। सेक्टर-36 डी की कोठी नंबर 1620 में पिता और पुत्र अलग-अलग रहते थे। कुछ महीने से कोठी में निर्माण और पेंट का काम चल रहा था।

जिस समय फायरिंग की घर पर मरम्मत का काम चल रहा था। सूचना मिलने पर मौके पर सेक्टर-36 पुलिस थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह और फोरेंसिक जांट टीम भी पहुंची। जांच टीम को गोली का एक खोल भी मिला।
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हर माह चाहिए थे 50 हजार

पुलिस को हरमिंदर ने बताया कि कुछ साल पहले पिता की ओर से हर माह 50 हजार रुपये और साल में 8 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। मगर पिता ने अब पैसे देने बंद कर दिए थे।

पुलिस के अनुसार महिंदर सिंह कोई काम धंधा नहीं कर रहा था। पिता को गोली मारने के बाद हरमिंदर ने पहले पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया, जब पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो खुद ही थाने चला गया। पुलिस के अनुसार छह महीने पहले भी हरमिंदर ने पिता के साथ विवाद के बाद घर के बाहर खड़ी कार का शीशा पत्थर मार कर तोड़ दिया था।

भूपेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, सेक्टर-36 ने बताया कि हरमिंदर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पिता पर फायरिंग करने के बाद वह खुद ही थाने पहुंच गया था।
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