देर रात को परिवार खाना खाने के बाद सो गया। करीब डेढ़ बजे चार से छह लुटेरे घर की दीवार फांद कर अंदर घुसे। उन्होंने सभी को हथियारों के बल पर सभी को बंधक बना लिया। आरोपियों ने डरा धमकाकर पारिवारिक सदस्यों से पैसे और जेवरात के बारे में पूछा। इसके बाद एक लुटेरा पीड़ित परिवार के पास खड़ा रहा, जबकि बाकी अंदर लूटपाट करते रहे।
आरोपियों ने घर से करीब छह लाख रुपये की नकदी, 12 तोले सोने के जेवरात और अन्य कीमती सामान लूटा और जाते वक्त गाड़ी की चाबी भी उठा ली। उसके बाद लुटेरों ने दरवाजा बाहर से बंद किया और गाड़ी लेकर फरार हो गए।
दो घंटे में मचाए तांडव के दौरान तहस नहस किया सारा सामान
पैसों और गहनों की तलाश में बदमाशों ने घर का सारा सामान बिखेर दिया। डेढ़ से दो घंटे तक लुटेरों ने तांडव किया और पूरी तरह से सामान तहस नहस कर दिया। घर की सभी अलमारियों को खोलकर नकदी और सोने के जेवरात लूटे। बदमाशों ने महिलाओं के कानों की बालियां और पर्स से पैसे भी निकल लिए।
बताया जा रहा है कि घर में बंधक एक महिला को सांस की दिक्कत थी जिसे लुटेरों ने रस्सी से नहीं बांधा। पुलिस को शक है कि इस वारदात में कोई पहचान वाले व्यक्ति का हाथ हो सकता है। बंधकों में से एक महिला को जब प्यास लगी तो उसने बदमाश से पानी मांगा। शातिर बदमाशों ने गिलास के नीचे कागज रखकर पानी पिलाया, ताकि उसके हाथ के फिंगर प्रिंट्स गिलास पर न आ सके। घटना के बाद परिवार में दहशत है। वहीं आसपास पड़ोस के लोग भी सहमे हैं।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
एडीसीपी 2 बलविंदर सिंह रंधावा ने बताया कि परिवार के मुताबिक लुटेरों की संख्या तीन थी। लुटेरे गाड़ी अय्याली खुर्द के पास छोड़कर फरार हुए हैं, जिसे बरामद कर लिया गया है। बाकी मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही मामला हल कर लिया जाएगा।