वह इन नोट को मार्केट में चलाने के लिए लेकर आया था। इस सूचना पर दिनेश और सुखविंद्र सिंह को काबू कर लिया। पूछताछ के बाद सुखविंद्र ने बताया अपने साथी संजय उर्फ संजू निवासी जसवंती के साथ मिलकर प्रिंटर की मदद से नकली नोट बनाते हैं। ये नोट बनाकर दिनेश, अनिल निवासी क्योड़क, जसीर सिंह निवासी मलिकपुर को मार्केट में चलाने के लिए देते हैं।
एसपी के अनुसार आरोपी संजय उर्फ संजू व दिनेश का जाली करंसी नोट तैयार करने में प्रयुक्त किए गये प्रिंटर व कंप्यूटर तथा शेष जाली करेंसी की बरामदगी सहित व्यापक पूछताछ के लिए दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। जबकि शेष चारों आरोपी न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए।
इनमें से पुलिस ने विजय पाल के पास से 20 हजार के नकली नोट और एक चोरी की बाइक, दिनेश के पास से एक लाख 50 हजार के नकली नोट, संजू के पास से 1 लाख 60 हजार के नकली नोट, अनिल के पास से 1 लाख 10 हजार के नकली नोट, जसबीर सिंह के पास से 50 हजार के नकली नोट, सुखविंद्र सिंह के पास से 60 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं।
नकली नोट बनाने के आरोप में छह युवकों को गिरफ्तार करके दो को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने लाखों रुपये की नकली करेंसी भी बरामद की है। पुलिस रिमांड के बाद अहम खुलासे होने की उम्मीद है। शशांक सावन, एसपी, कैथल।