किशोर न्याय बोर्ड ने उसकी उम्र के संबंध में सुनवाई करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई। विवेचक का कहना था कि पिता ने बेटे की जन्म तिथि गलत बताई है। युवक के जन्म प्रमाणपत्र की सत्यता ग्राम पंचायत कार्यालय शिमली विकासखंड कर्णप्रयाग जिला चमोली से कराई गई तो पता चला कि उसके जन्म प्रमाणपत्र में तिथि 22 मई 2001 दर्ज है।
आदय शक्ति पब्लिक स्कूल भूपतवाला हरिद्वार में विद्यालय प्रवेश के समय भी यही जन्म तिथि दर्ज कराई गई थी। युवक ने जब भूपतवाला के ही डीएवी पब्लिक स्कूल में कक्षा छह में प्रवेश लिया तो जन्म तिथि बदलकर 22 मई 2002 दर्शाई। डीएवी पब्लिक स्कूल में उसके पिता ने दूसरा जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया था। इसमें जन्मतिथि 22 मई 2001 में ओवर राइटिंग करते हुए जन्मतिथि 22 मई 2002 लिखी गई।
कोर्ट ने पूरे मामले का संज्ञान लेकर सिपाही के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।