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पेपर लीक, केंद्रीय विद्यालय की भर्ती परीक्षा रद्द

Sun, 04 Oct 2015 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी, दिल्ली(हरियाणा)
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केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) की रविवार को आयोजित प्राइमरी टीचर परीक्षा (पीआरटी) का पर्चा शुरू होने से पहले ही रेवाड़ी में लीक हो गया। इसके बाद केवीएस ने पीआरटी और प्राइमरी टीचर (संगीत) भर्ती परीक्षा रद्द कर दी।
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पुलिस ने मौके से 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे 29 मोबाइल, लैपटॉप, 19 सिम, लीक पेपर की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी, परीक्षार्थियों के करीब 40 प्रवेश पत्र, चार कारें और एक बाइक बरामद हुई हैं। परीक्षा की नई तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी।

रेवाड़ी पुलिस ने सुबह करीब साढ़े पांच बजे बीएमजी मॉल के पास छापा मारकर पेपर लीक करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। परीक्षा प्रदेश सहित देश के 158 केंद्रों पर सुबह साढ़े नौ बजे शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिली कि बीएमजी मॉल के पास प्रश्न पत्र के चारों सेट और हल किए पेपर्स की कॉपी बेची जाएगी।
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ऐसे में डीएसपी वीरेंद्र सैनी की अगुवाई में टीम गठित कर छापामारी की गई। वहां चार कार में बैठे रेवाड़ी के विजय भुरथला समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनसे हल किए गए पेपर की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी और चार लाख रुपये भी बरामद किए गए।

सोशल मीडिया पर वायरल था पेपर

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि छह अन्य आरोपी शहर के विभिन्न होटलों में रुके हुए थे। उनकी तलाश की गई लेकिन वे तब तक फरार हो गए थे।

पकड़े गए गिरोह में सरगना विजय भुरथल के अलावा कोसली के आशीष और सुमित, नैताना के पवन, गुवानी के सुजान सिंह, जुड्डी के जितेंद्र, डहीना के विक्रांत, चांदनवास के संदीप, मालड़ा के नरेंद्र सिंह, सेक्टर-4 धारूहेड़ा के नीरज, खटोटी कलां के राजकुमार व सुरेंद्र और अमजेर के अवधेश शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, करप्शन एक्ट की धारा-8 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि दिल्ली से पेपर सॉल्व करने आया डीयू से जुड़ा एक व्यक्ति पुलिस की दबिश से पहले ही निकल चुका था। पीआरटी परीक्षा की आंसरशीट हासिल करने के लिए परीक्षार्थियों को 4 लाख रुपये देने थे, जबकि एसएससी की कॉन्सटेबल भर्ती परीक्षा की आंसर की 6 लाख रुपये में मिलनी तय हुई थी।

पेपर वायरल होने की सूचना: मालूम हो कि शनिवार शाम को भी केवीएस अधिकारियों के पास सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने की सूचना थी। लेकिन परीक्षा आयोजित कराने वाली ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन नामक एजेंसी ने कहा कि सोशल मीडिया पर लीक पेपर का वास्तविक पेपर से मिलान कराना मुश्किल है।

तब यह फैसला किया गया कि रविवार को होने वाली परीक्षा के दौरान प्रश्न  पत्रों का मिलान किया जाएगा। लेकिन इससे पहले ही सुबह साढ़े पांच बजे रेवाड़ी पुलिस ने दबिश देकर पेपर लीक होने की पुष्टि कर दी।

गिरोह का सरगना विजय ने लड़ा था विस चुनाव: विजय गांव भुरथला का रहने वाला है। उसने रेवाड़ी के कोसली क्षेत्र से विधायक  बनने के लिए निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गया। उसे करीब 10 हजार वोट ही मिले थे।

बलवान सिंह राणा, एसपी, रेवाड़ी ने बताया कि पेपर लीक कराने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह सिर्फ इसी परीक्षा में करोड़ों रुपये के बदले नकल कराने वाले थे। केंद्रीय विद्यालय संगठन में पेपर कहां से लीक हुआ और इसकी मुख्य कड़ी कौन है, इसका पता लगाया जा रहा है।

दिल्ली से जुड़े हैं पेपर लीक कांड गिरोह के तार

पुलिस के हत्थे चढ़े गिरोह के तीन आरोपी सीधे तौर पर दिल्ली से जुड़े हैं। सुजान सिंह दिल्ली पुलिस में जवान है। सुरेंद्र दिल्ली में ही अध्यापक है। इनके अलावा एक युवक दिल्ली यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त है।

यह वही है जो चार पेपर सॉल्वर्स में से एक है और पुलिस की रेड से कुछ समय पहले ही फरार हुआ था। गैंग का सरगना विजय पहले दिल्ली पुलिस में ही एसआई के पद पर नौकरी करता था, जबकि सुमित रेवाड़ी में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग कराता है।

एसएससी का पेपर जुटाने की भी थी कोशिश: पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह एसएससी की ओर से रविवार को ही आयोजित असम राइफल के कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर भी जुटाने की कोशिश में था।

पांच माह बाद ही प्रदेश के चेहरे पर एक और दाग: तीन मई को आल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) हुआ था। इसी दिन रोहतक पुलिस ने पेपर लीक करने के आरोप में दो डॉक्टर सहित चार लोगों को पकड़कर आंसर की और अंडर गारमेंट्स में छिपाकर रखे जाने वाले ब्लू टूथ सहित कई उपकरण बरामद किए थे। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर सीबीएसई को फिर से एग्जाम करवाने पड़े। इस मामले में सरगना रूपसिंह दांगी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
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धांधली को लेकर केवीएस के अधिकारियों को दी क्लीन चिट

2639-पदों को लिए थी परीक्षा
2666- प्राथमिक शिक्षक
73- प्राथमिक शिक्षक (म्यूजिक)
158- देश भर में परीक्षा केंद्र

समय: सुबह 09:30 से 12:00 बजे।

दूसरी पारी में था टीजीटी का पेपर
पहली पारी में पीआरटी और दूसरी पारी में दोपहर 2 से पांच बजे तक टीजीटी (हिंदी, अंग्रेजी, मैथ्स, साइंस, एसएसटी, संस्कृत) की परीक्षा थी। सभी परीक्षाओं के लिए मई और जून में आवेदन भरे गए थे।

जीके श्रीवास्तव, अतिरिक्त आयुक्त प्रशासन एवं सतर्कता, केवीएस ने बताया कि इस गड़बड़ी में केवीएस का कोई अधिकारी शामिल नहीं है। प्राइमरी शिक्षकों की परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी दिल्ली के लोधी रोड स्थित ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन नामक एक एजेंसी को दी गई है। इसी एजेंसी को परीक्षा के पेपर तैयार करने, प्रिंटिंग करने और देशभर के परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।
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